गोरखपुर में चल रहा था ऑनलाइन सट्टेबाजी का गंदा खेल, चुपके से पुलिस ने बोला हल्ला
UP News
भारत
चेतना मंच
23 Jan 2025 05:05 PM
UP News : ऑनलाइन के इस दौर में अपराधियों के लिए अपराध को अंजाम देना काफी आसान हो गया है। स्क्रीन के पीछे बैठे अपराधी कब किसको अपना शिकार बना ले इस बारे में कुछ भी कह पाना मुश्किल है। ऑनलाइन के इस दौर में अपराधियों से कुछ भी छुपाना मुश्किल सा हो गया है। जहां एक तरफ पुलिस लोगों को साइबर अपराधियों से लोगों को सावधान रहने की हिदायत दे रही है, वहीं दूसरी ओर अपराधी भी नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को शिकार बना रहे हैं। इसी बीच उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से हैरान करने वाली घटना सामने आई है।
दरअसल उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के एक पॉश अपार्टमेंट में लम्बे समय से ऑनलाइन सट्टेबाजी का गंदा खेल खेला जा रहा था। जब पुलिस को ऑनलाइन सट्टेबाजी रैकेट की जानकारी हुई तो पुलिस ने छानबीन करते हुए चुपके से अपार्टमेंट में हल्ला बोल दिया। पुलिस ने ऑनलाइन सट्टेबाजी रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए करीब 29 लोगों धर दबोचा है। हैरानी की बात तो ये है कि इस मामले में नाबालिग भी शामिल हैं।
महीनों से चलाया जा रहा था ऑनलाइन सट्टेबाजी पोर्टल
जानकारी के मुताबिक, ऑनलाइन सट्टेबाजी का यह गिरोह पिछले छह महीनों से मेडिकल कॉलेज रोड के पास स्थित जेमिनी पैराडाइज अपार्टमेंट में चार किराए के फ्लैट से ऑनलाइन सट्टेबाजी पोर्टल चला रहा था। ताकि इस गिरोह की काली करतूत के बारे में किसी को जानकारी न हो। ऐसे में पुलिस ने जब अपार्टमेंट में हल्ला बोला तो गिरोह के लोगों के होश उड़ गए और हडकंप मच गया। पुलिस ने छापेमारी के दौरान आरोपियों के पास से 10 लैपटॉप, 100 स्मार्टफोन और 150 सिम कार्ड बरामद किए। पुलिस की गिरफ्त में आए लोग बिहार और छत्तीसगढ़ के रहने वाले बताए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि इन लोगों को हर महीने ₹18,000 से ₹22,000 के वेतन पर काम पर रखा गया था और ये लोग 8-घंटे की शिफ्ट में काम करते थे।
पुलिस ने शुरू की आगे की जांच
खबरों की मानें तो, इस पूरे मामले का खुलासा उस वक्त हुआ जब वित्त मंत्रालय की वित्तीय खुफिया इकाई को मऊ निवासी के खाते में संदिग्ध 34 लाख रुपये के लेन-देन का पता चला। जांच में पता चला कि भिलाई के निवासी इस रैकेट का संचालन कर रहा था। इस घटना में अपार्टमेंट के निवासियों ने हैरानी जताते हुए कहा कि, उन्हें इन अवैध गतिविधियों की जानकारी नहीं थी हालांकि, उन्होंने देर रात की संदिग्ध गतिविधियों का शक था। फिलहाल पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार करके आगे की जांच-पड़ताल शुरू कर दी है।
इस मामले में एसपी ने बताया कि, गिरफ्तार सभी आरोपी शातिर किस्म के साइबर अपराधी हैं। ये लोग गरीब और बेरोजगार व्यक्तियों की ID से सिम लेते थे और फिर बैंक में खाता खोलकर ATM व UPI के माध्यम से ट्रांजेक्शन करते थे। गिरोह के सभी सदस्य रेडी बुक एवं बीन बज नामक फर्जी इंटरनेशनल वेबसाइट बनाकर ऑनलाइन गैंबलिंग खिलवाते थे और करोड़ों रुपए का सट्टा लगवाते थे। UP Hindi News