उत्तर प्रदेश में बनेगा नौसेना शौर्य संग्रहालय, शौर्यगाथाएं और समुद्री शक्ति होगी आकर्षण का केंद्र
भारत
चेतना मंच
30 Oct 2025 03:11 PM
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ अब जल्द ही भारतीय नौसेना की वीरता और गौरवगाथा का प्रतीक बनने जा रहा है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजधानी में नौसेना शौर्य संग्रहालय के निर्माण को हरी झंडी दे दी है। उत्तर प्रदेश का यह संग्रहालय न केवल नौसेना के अदम्य साहस को दर्शाएगा, बल्कि युवाओं को भारत की समुद्री शक्ति और गौरवशाली इतिहास से भी जोड़ने का माध्यम बनेगा। UP News :
जहाज के रूप में तैयार होगा संग्रहालय
योगी सरकार ने इस संग्रहालय को जहाज के रूप में तैयार करने का निर्णय लिया है। इसमें नौसैनिक वास्तुकला, रेलिंग, पोर्थोल जैसी खिड़कियां और समुद्री प्रतीकों के जरिए इसे एक विशिष्ट रूप दिया जाएगा। परिसर में इंटरप्रिटेशन सेंटर, ओपन एयर मेमोरियल, प्रदर्शनी गैलरी, फाउंटेन, सेंट्रल डेक और लाइट एंड साउंड एरिना जैसी सुविधाएं शामिल होंगी। सीएम योगी ने कहा कि यह संग्रहालय भारतीय नौसेना की अदम्य शौर्यगाथाओं और हिन्द महासागर में भारत की सामुद्रिक क्षमता का जीवंत प्रतीक बनेगा।
आईएनएस गोमती और टीयू-142 रहेंगे मुख्य आकर्षण
परियोजना को दो चरणों में विकसित किया जा रहा है, पहला आईएनएस गोमती शौर्य स्मारक और दूसरा नौसेना शौर्य वाटिका।
आईएनएस गोमती (आर-21) गोदावरी श्रेणी का स्वदेशी मिसाइल फ्रिगेट है, जिसने 34 वर्षों तक नौसेना में सेवा दी और आॅपरेशन कैक्टस व आॅपरेशन पराक्रम जैसे अभियानों में भाग लिया था। वहीं, नौसेना शौर्य वाटिका में टीयू-142 विमान और सी किंग एसके-42बी हेलीकॉप्टर को प्रदर्शित किया जाएगा, जो दशकों तक समुद्री निगरानी और आपदा राहत अभियानों में सक्रिय रहे हैं।
अनुभव के केंद्र के रूप में तैयार होगा म्यूजियम
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि संग्रहालय को केवल देखने योग्य स्थल नहीं बल्कि अनुभव का केंद्र बनाया जाए। यहां दर्शकों को नौसेना के इतिहास, अभियानों और तकनीकी प्रगति का इंटरएक्टिव और इमर्सिव अनुभव दिया जाएगा। इसके लिए डिजिटल सिम्युलेशन, 7डी थिएटर, वॉरशिप सिम्युलेटर, सबमर्ज्ड द्वारका मॉडल और डिजिटल वाटर स्क्रीन शो जैसी आधुनिक तकनीकें शामिल की जाएंगी।
हरित और ऊर्जा-संवेदनशील डिजाइन
इस संग्रहालय का डिजाइन ऊर्जा-संवेदनशील रखा गया है। इसमें प्राकृतिक रोशनी, वेंटिलेशन और हरित निर्माण तकनीकों का प्रयोग किया जाएगा। यह न केवल सौंदर्य में अनोखा होगा बल्कि पर्यावरण के प्रति उत्तरदायी भी रहेगा। निगरानी और प्रबंधन के लिए समिति गठित की जाएगी। परियोजना की निगरानी के लिए महानिदेशक पर्यटन की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति गठित की गई है, जिसमें मेरिटाइम हेरिटेज सोसाइटी, यूपी प्रोजेक्ट्स कॉरपोरेशन और नौसेना के विशेषज्ञ शामिल होंगे। सीएम योगी ने उम्मीद जताई है कि यह संग्रहालय उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर एक नई पहचान देगा और युवाओं में देशभक्ति की भावना को नई ऊर्जा से भर देगा। UP Newsबिना जुर्म के अमेरिका में काटी 43 साल जेल, अब देश निकाले का खतरा!