यूपी के इस शहर में बनेगा नया बाईपास, कई शहरों को मिलेगा जाम से निजात
UP News :
उत्तर प्रदेश
RP Raghuvanshi
31 May 2025 11:32 PM
उत्तर प्रदेश
RP Raghuvanshi
31 May 2025 11:32 PM
UP News : उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जनपद को यातायात जाम की समस्या से स्थायी राहत दिलाने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है। राज्य सरकार द्वारा शिकोहाबाद-भोगांव फोरलेन हाईवे पर मैनपुरी नगर क्षेत्र में बाईपास निर्माण की योजना को मंजूरी दी गई है, जिसके पहले चरण के लिए 56 करोड़ रुपये स्वीकृत किए जा चुके हैं।
बाईपास से मैनपुरी ही नहीं, पूरे पश्चिमी यूपी को लाभ
मैनपुरी नगर होकर गुजरने वाले नेशनल हाईवे-84 पर रोजाना भारी संख्या में वाहनों की आवाजाही होती है, जिससे नगर के भीतर भीषण जाम की स्थिति निर्मित होती है। इस हाईवे का उपयोग आगरा, मथुरा, फर्रुखाबाद, कन्नौज, शाहजहांपुर और हरदोई जिलों के हजारों वाहनकर्ता करते हैं। प्रस्तावित बाईपास इन सभी जिलों के लिए समय, ईंधन और यातायात प्रबंधन के लिहाज से बड़ी राहत साबित होगा।
भूमि अधिग्रहण : किसानों के लिए सौदा फायदेमंद
बाईपास के लिए भोगांव और मैनपुरी तहसीलों के नौ गांवों की जमीन अधिग्रहित की जाएगी। इनमें प्रमुख रूप से राजलपुर, कछपुरा, दिवन्नपुर चौधरी, टिकसुरी, ब्यौंती खुर्द, सिवाई भदौरा, मेरपुरा सूजापुर, मंछना और औडेन्य पडरिया गांव शामिल हैं। भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को पारदर्शी और संवादात्मक बनाने के लिए छह सदस्यीय समिति गठित की गई है, जिसका नेतृत्व अपर जिलाधिकारी (एडीएम) करेंगे। इस प्रक्रिया में किसानों से सीधे संवाद किया जाएगा और उन्हें सर्किल रेट का चार गुना तक मुआवजा दिए जाने की संभावना है, जिससे यह सौदा उनके लिए आर्थिक दृष्टि से भी लाभकारी सिद्ध हो सकता है।
मार्किंग जल्द, काश्तकारों की सूची जून में तैयार
प्रशासन के अनुसार पहले चरण में 15.1 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण होगा। इसके लिए जमीन की मार्किंग प्रक्रिया जल्द आरंभ होगी और काश्तकारों की नामावली जून के पहले सप्ताह तक अंतिम रूप ले सकती है। यह भी संकेत मिल रहे हैं कि परियोजना का क्रियान्वयन तेज गति से किया जाएगा ताकि यातायात दबाव को यथाशीघ्र कम किया जा सके। UP News
विकास बनाम विस्थापन : संतुलन की कोशिश
जहाँ एक ओर यह बाईपास मैनपुरी नगर को लंबे समय से चली आ रही जाम की समस्या से राहत दिलाने वाला है, वहीं दूसरी ओर प्रशासन के सामने यह चुनौती भी है कि भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया सामाजिक न्याय और संवेदनशीलता के साथ पूरी हो। यह बाईपास सिर्फ़ एक सड़क परियोजना नहीं, बल्कि मैनपुरी और उससे जुड़े जिलों की आर्थिक गतिशीलता और क्षेत्रीय संपर्कता को नया आयाम देने वाली पहल है। यदि तय समय पर कार्य संपन्न होता है, तो यह परियोजना प्रदेश के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने की दिशा में एक मॉडल उदाहरण बन सकती है। UP News