यूपी का ऐसा गांव जहां जहरीले सांप के काटने से भी नहीं होती मौत, जानिए रहस्य
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भारत
चेतना मंच
29 Nov 2025 09:18 PM
UP News : भारत के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में एक ऐसा गांव है, जो अपने 700 साल पुराने चमत्कार के लिए देशभर में प्रसिद्ध है। इस गांव का नाम है जड़ौदा पांडा, जो सहारनपुर जिले में स्थित है। यहां के लोगों का दावा है कि जहरीले सांप के काटने से भी किसी की मौत नहीं होती, और इसका सारा श्रेय जाता है बाबा नारायण दास को, जिनकी समाधि इस गांव में स्थित है। UP News
सांप काटे, पर नहीं होती मौत?
स्थानीय ग्रामीणों और पंडितों का कहना है कि बाबा नारायण दास की कृपा से इस गांव और इसके आसपास के 12 गांवों में यदि किसी को जहरीला सांप भी काट ले, तो वह व्यक्ति बिना किसी दवा के ठीक हो जाता है। यह चमत्कार आज भी जारी है और इस पर लोगों की आस्था अटूट है। UP News
कौन थे बाबा नारायण दास?
बाबा का जन्म करीब 700 साल पहले जड़ौदा पांडा गांव में उग्रसेन और माता भगवती के घर हुआ था। वे शिव भक्त थे और पंचायती उदासीन अखाड़े से जुड़े हुए संत थे। उन्होंने अपनी 80 बीघा जमीन एक प्राचीन शिव मंदिर को दान में दे दी थी। कहते हैं, साधना के दौरान वे अपने घोड़े, कुत्ते और सेवक के साथ मृत्यु नहीं बल्कि धरती में समा गए। उसी स्थान पर अब बाबा की समाधि है। समाधि स्थल को स्थानीय भाषा में 'जुड़' कहा जाता है, इसलिए मंदिर का नाम भी 'जुड़ मंदिर' पड़ गया। मान्यता है कि यहां आने वाले की हर मन्नत पूरी होती है। यह क्षेत्र कभी बांस के जंगल से ढका हुआ था, जो बाबा की तपोभूमि बना। UP News
कौन-कौन से गांव आते हैं इस चमत्कारी प्रभाव के दायरे में?
बाबा नारायण दास की कृपा माने जाने वाले 12 गांव हैं, जड़ौदा पांडा, किशनपुरा, जयपुर, शेरपुर, घिसरपड़ी, किशनपुर (अन्य क्षेत्र), चरथावल, खुशरोपुर, मोगलीपुर, चोकड़ा, घिस्सूखेड़ा, न्यामू शामिल है। अब तक कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं मिला है जो इस दावे को सिद्ध कर सके। लेकिन यहां की स्थानीय आस्था, सांस्कृतिक परंपरा और पीढ़ियों से चले आ रहे अनुभव इस विश्वास को मजबूती देते हैं। भारत जैसे देश में जहां विज्ञान और अध्यात्म दोनों का गहरा मिश्रण है, वहां जड़ौदा पांडा जैसे गांव सिर्फ रहस्य नहीं, संस्कृति और आस्था के अद्भुत प्रतीक हैं। UP News