कानपुर में धड़ाधड़ चल रहा है 'अम्मा' का बुलडोजर, अतिक्रमणकारियों के छूटे पसीने
UP News
भारत
चेतना मंच
02 Feb 2025 05:00 PM
UP News : उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में इन दिनों महापौर प्रमिला पांडे, जिन्हें आमतौर पर "अम्मा" के नाम से जाना जाता है, अतिक्रमण के खिलाफ सख्त कदम उठा रही हैं। उनकी कड़ी कार्रवाई ने शहर में अतिक्रमण करने वालों के बीच खौफ पैदा कर दिया है। पिछले कुछ समय से महापौर प्रमिला पांडे ने शहर में अतिक्रमण के खिलाफ मोर्चा खोला हुआ है और उनका 'बुलडोजर एक्शन' लगातार जारी है।
'अम्मा' का बुलडोजर और अतिक्रमण पर सख्ती
बता दें कि हाल ही में, कानपुर के ग्वालटोली क्षेत्र में एक बच्चे की नाले में गिरकर मौत हो गई थी, जिसके कारण नाले के ऊपर किए गए अतिक्रमण को बताया जा रहा है। इस हादसे के बाद, महापौर प्रमिला पांडे ने अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू किया और इसे पूरी ताकत के साथ आगे बढ़ाया। उनका कहना है कि अतिक्रमण से सड़कों पर चलने में परेशानी हो रही है और यह शहर की व्यवस्था के लिए खतरे की बात है।
कई इलाकों में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई
पिछले कुछ दिनों में, महापौर प्रमिला पांडे के नेतृत्व में कानपुर के कई प्रमुख इलाकों जैसे कल्याणपुर पनकी परेड, यतीम खाना, वेकनगंज, बाबू पुरवा, बर्रा नौबस्ता और अन्य क्षेत्रों में अतिक्रमण हटाया गया है। खासतौर से, बगही ईदगाह और बाकरगंज जैसे मुस्लिम बहुल इलाकों में भी सड़क के किनारे से अतिक्रमण हटा दिया गया है, जहां लोग टीन शेड लगाकर कब्जा कर रहे थे।
विधायकों के दखल के बावजूद सख्त एक्शन
इस कार्रवाई के दौरान, जब समाजवादी पार्टी के विधायक नसीम सोलंकी और हसन रूमी के दफ्तर भी अतिक्रमण में शामिल पाए गए, तो अम्मा ने बिना किसी सिफारिश के इन स्थानों पर भी एक्शन लिया। खास बात यह है कि अम्मा किसी की सिफारिश सुनने को तैयार नहीं दिख रही हैं और किसी भी दबाव के बावजूद अभियान को जारी रखा। विधायक के दफ्तर के बारे में कहा गया कि उसे एक दिन की मोहलत दी गई है, लेकिन आमतौर पर कोई भी अन्य स्थान सख्ती से हटाए गए हैं।
अम्मा' का सख्त और प्रभावी रूप
महापौर प्रमिला पांडे का यह रूप शहरवासियों के लिए राहत का कारण बन रहा है, क्योंकि अतिक्रमण के खिलाफ उनके द्वारा किए गए ठोस कदम अब साफ नजर आ रहे हैं। उनका यह एक्शन शहर के विकास और व्यवस्था को बनाए रखने के लिए बहुत जरूरी साबित हो सकता है। यह अभियान कानपुर में एक नई पहल के रूप में उभर कर आया है, जो अन्य शहरों के लिए भी एक उदाहरण बन सकता है कि कैसे अतिक्रमण को सख्ती से खत्म किया जा सकता है। UP News