यूपी में है एशिया की सबसे बड़ी गुड़ मंडी, विदेशों तक है मीठी पहचान, आइए जानें
भारत
चेतना मंच
07 Sep 2025 04:11 PM
उत्तर प्रदेश का हर जिला किसी न किसी खास पहचान के लिए मशहूर है। कहीं पीतल की कारीगरी तो कहीं इत्र की खुशबू। लेकिन जब बात खाने-पीने की चीजों की होती है, तो गुड़ की मिठास का जिक्र किए बिना तस्वीर अधूरी रहती है। जी हां, उत्तर प्रदेश का मुजफ्फरनगर देश ही नहीं बल्कि विदेशों तक गुड़ की खान के नाम से जाना जाता है। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर की मिठास देश में ही नहीं विदेशों तक में अपनी पहचान बना चुकी है। UP News :
एशिया की सबसे बड़ी गुड़ मंडी
मुजफ्फरनगर की पहचान सिर्फ गन्ने की खेती तक सीमित नहीं है। यहां एशिया की सबसे बड़ी गुड़ मंडी है, जहां से हर साल लाखों टन गुड़ देश और दुनिया के बाजारों तक पहुंचता है। 1954 में स्थापित इस मंडी में हर मौसम में रौनक देखने को मिलती है। जिले का नुनाखेड़ा गांव गुड़ उत्पादन का गढ़ है। यहां लगभग 50 से अधिक कोल्हू (गुड़ बनाने की इकाइयां) हैं। खास बात यह है कि गांव का लगभग हर परिवार इस कारोबार से जुड़ा है। यहां दिन-रात दो शिफ्टों में 12-12 घंटे काम करके मजदूर गुड़ तैयार करते हैं। गांव की गलियों से गुजरते ही हर कदम पर आपको कोल्हुओं से उठती भाप और गुड़ की मीठी खुशबू महसूस होती है।
परंपरा और पहचान
मुजफ्फरनगर में गुड़ बनाने की परंपरा पीढ़ियों से चली आ रही है। यही वजह है कि इसे एक जिला, एक उत्पाद योजना में भी शामिल किया गया है। यहां का गुड़ स्वाद, गुणवत्ता और शुद्धता के लिए खास पहचान रखता है।
देश और विदेश में पहुंच
मुजफ्फरनगर का गुड़ राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात, पंजाब, हरियाणा, बिहार और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में थोक स्तर पर भेजा जाता है। वहीं, इसकी मांग खाड़ी देशों समेत विदेशों में भी तेजी से बढ़ रही है। गुड़ के अलावा जिले में चीनी रिफाइनरी और बीजों से तेल निकालने की कई मिलें भी हैं। यही वजह है कि मुजफ्फरनगर पश्चिम यूपी की औद्योगिक और कृषि अर्थव्यवस्था का अहम केंद्र माना जाता है। UP News :