शिलान्यास से पहले विधायक का गुस्सा सातवें आसमान पर, बोले- 'CM योगी से करूंगा शिकायत'
UP News
भारत
चेतना मंच
28 May 2025 06:53 PM
UP News : उत्तर प्रदेश के हापुड़ के गढ़ रोड पर वर्षों से जलभराव की मार झेल रहे लोगों के लिए जब नाले के निर्माण की सौगात लेकर शिलान्यास कार्यक्रम आयोजित हुआ, तो उम्मीद थी कि यह दिन सिर्फ राहत और खुशियों से जुड़ा होगा। लेकिन यह कार्यक्रम राजनीति की गर्माहट का अखाड़ा बन गया। सदर विधायक विजयपाल आढ़ती ने आयोजन में जानबूझकर नजरअंदाज किए जाने का आरोप लगाकर सभी को चौंका दिया।
विधायक ने कहा कि, उन्हें कार्यक्रम से दूर रखा गया, जिससे वह बेहद आहत हैं और अब इसकी शिकायत सीधे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से करेंगे। इस बयान के बाद प्रशासनिक अमले में खलबली मच गई और अधिकारी उन्हें मनाने में जुट गए।
HPDA द्वारा आयोजित किया गया था शिलान्यास कार्यक्रम
दरअसल, यह शिलान्यास कार्यक्रम हापुड़-पिलखुवा विकास प्राधिकरण (HPDA) द्वारा आयोजित किया गया था। सांसद अरुण गोविल और विधायक विजयपाल आढ़ती दोनों को संयुक्त रूप से आमंत्रित किया गया था। सांसद सुबह करीब सवा दस बजे पहुंच गए और महज पांच मिनट में शिलान्यास की रस्म पूरी कर चले गए। वहीं विधायक दो-तीन मिनट की देरी से पहुंचे, लेकिन कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से पूरा होने दिया। मंच पर उन्होंने भाषण भी दिया, लेकिन कार्यक्रम के बाद जैसे ही सांसद और जिलाधिकारी चले गए, विधायक का गुस्सा फूट पड़ा।
जानबूझकर किया गया अपमान
विधायक ने साफ शब्दों में कहा, "मुझे 11:30 बजे का समय दिया गया था, मैं तय समय से पहले पहुंच गया, फिर भी मेरे बिना शिलान्यास कर दिया गया। यह जानबूझकर किया गया अपमान है। इसकी शिकायत मैं मुख्यमंत्री से करूंगा।" इस नाराजगी के बाद प्राधिकरण के वीसी डॉ. नितिन गौड़ और सचिव प्रवीण गुप्ता ने उन्हें मनाने की भरपूर कोशिश की, लेकिन विधायक किसी भी बात को मानने को तैयार नहीं हुए। सचिव उन्हें कार तक छोड़ने गए, मगर बात नहीं बनी। इस पूरे घटनाक्रम ने अधिकारियों को सकते में डाल दिया।
सभी हमारे परिवार जैसे हैं
वहीं प्राधिकरण के सचिव प्रवीण गुप्ता का कहना है कि, शिलान्यास का समय सुबह 11 बजे का था और सांसद समय से पहले पहुंच गए थे इसलिए कार्यक्रम पूरा कर दिया गया। उन्होंने कहा, "विधायक जी का अपमान करने का कोई इरादा नहीं था, सभी हमारे परिवार जैसे हैं। हम उन्हें मना लेंगे।"
इस भेदभाव की भी शिकायत CM से की जाएगी
इस बीच एक और विवाद ने जन्म ले लिया है — भाजपा के कुछ स्थानीय नेताओं ने आरोप लगाया है कि प्राधिकरण टेंडर आवंटन में भेदभाव करता है। आरोप है कि नाले का टेंडर बहुजन समाज पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष और अब आजाद समाज पार्टी के पदाधिकारी को दे दिया गया है, जबकि बजट और काम की स्वीकृति भाजपा के जनप्रतिनिधियों ने दिलाई थी। ऐसे में पार्टी नेताओं का गुस्सा भी उभर कर सामने आ गया है। उनका कहना है कि इस भेदभाव की भी शिकायत मुख्यमंत्री से की जाएगी।
अब देखना होगा कि यह नाराजगी बातचीत से सुलझती है या मामला और बड़ा मोड़ लेता है। फिलहाल, विकास की सौगात के साथ सियासी तूफान भी हापुड़ की सड़कों पर दस्तक दे चुका है।