उत्तर प्रदेश के हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, हर नागरिक की रक्षा जरूरी
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भारत
चेतना मंच
28 Nov 2025 02:44 PM
UP News : उत्तर प्रदेश के हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। उत्तर प्रदेश के हाईकोर्ट ने बड़े फैसले में कहा है कि, देश तथा प्रदेश के हर व्यक्ति की रक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है। अपने बड़े फैसले में उत्तर प्रदेश के हाईकोर्ट ने सरकार के स्थान पर राज्य शब्द का प्रयोग किया है। उत्तर प्रदेश के हाईकोर्ट ने यह बड़ा फैसला जेल में बंद उत्तर प्रदेश के एक कैदी की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुनाया है।
क्या है उत्तर प्रदेश के हाईकोर्ट का बड़ा फैसला?
उत्तर प्रदेश का हाईकोर्ट प्रदेश के प्रयागराज में स्थापित है। सब जानते हैं कि कुछ समय पूर्व तक प्रयागराज का नाम इलाहाबाद हुआ करता था। उत्तर प्रदेश के हाईकोर्ट को अभी इलाहाबाद हाईकोर्ट के नाम से ही जाना जाता है। उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मंगलवारको एक बड़ा फैसला सुनाया है। अपने फैसले में उत्तर प्रदेश के हाईकोर्ट ने कहा है कि राज्य का कर्तव्य है कि वह हर नागरिक के जीवन की रक्षा करे, भले ही वह जेल में हो। हत्या के आरोपी का इलाज नहीं कराने के मामले में नाराजगी जताते हुए यह टिप्पणी हाईकोर्ट की एकल खंडपीठ ने की है। मामले में पुलिसकर्मियों की चुनावी ड्यूटी का हवाला दिया गया था। इस पर न्यायमूर्ति समित गोपाल की पीठ ने कहा कि, चुनाव या किसी दूसरे काम में व्यस्तता के कारण जेल में निरुद्ध बंदी का इलाज कराने से मना नहीं किया जा सकता है।
इस मामले में दिया है उत्तर प्रदेश के हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला
आपको बता दें कि, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यह बड़ा फैसला एक याचिका का निवारण करते हुए दिया है। दरअसल देवरिया के कयामुद्दीन की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। इसमें बताया गया कि एडिशनल सेशन जज ने देवरिया जिला जेल के जेल अधीक्षक को याची का इलाज कराने का निर्देश दिया था। जेल अधीक्षक ने चुनाव के चलते पुलिस बल की कमी का हवाला देते हुए इलाज कराने से इंकार कर दिया था। इस पर हाईकोर्ट ने डीएम देवरिया और पुलिस अधीक्षक को व्यक्तिगत रूप से मामले को देखने और व्यक्तिगत हलफनामे दाखिल करने का निर्देश दिया था। डीएम व एसपी ने कोर्ट को बताया कि याची का इलाज जिला जेल में चल रहा है। स्थानीय मेडिकल कॉलेज और बीआरडी मेडिकल में रेफर किया गया है। कोर्ट ने कहा कि, यह स्वीकृत तथ्य है कि पुलिस बल की कमी की वजह से याची को संबंधित डॉक्टर के समक्ष पेश नहीं किया गया। कोर्ट ने कहा कि राज्य को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि जेल के कैदियों को समय पर और उचित उपचार मिले। UP News