उत्तर प्रदेश की बड़ी खबर : टूट गया अनुप्रिया पटेल का अपना घर
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उत्तर प्रदेश
RP Raghuvanshi
02 Dec 2025 01:37 AM
UP News : उत्तर प्रदेश की राजनीति से एक बड़ी खबर आ रही है। उत्तर प्रदेश की राजनीति करके केन्द्रीय मंत्री बनी अनुप्रिया पटेल का ‘अपना घर’ (पार्टी) टूट गया है। अनुप्रिया पटेल के नेतृत्व वाली पार्टी अपना दल (एस) के उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष ने पार्टी से बगावत कर दी है। अपना दल (एस) के प्रदेश अध्यक्ष राजकुमार पाल के साथ अपने दल के अनेक नेताओं ने पार्टी छोड़ दी है। UP News
क्या है उत्तर प्रदेश में अपना दल (एस) के टूटने का पूरा मामला
आपको बता दें कि अपना दल (एस) को उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक महत्वपूर्ण पार्टी माना जाता है। इस पार्टी के उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष राजकुमार पटेल लम्बे अर्से से पार्टी की सेवा कर रहे हैं। अचानक राजकुमार पाल ने अपना दल (एस) से बगावत कर दी है। राजकुमार पाल ने पार्टी छोडऩे की घोषणा करते हुए पार्टी नेतृत्व पर अनेक आरोप भी जड़ दिए हैं। अपना दल (एस) के उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष राजकुमार पाल ने उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ के एक होटल में प्रेसवार्ता के दौरान अपनी पार्टी छोडऩे की घोषणा कर दी। उनका कहना है कि जो नेता अपनी पार्टी को संगठित नहीं कर सकता, उस पार्टी में बने रहने का कोई औचित्य नहीं है। राजकुमार पाल के साथ प्रदेश सचिव कमलेश विश्वकर्मा, अल्पसंख्यक मंच के प्रदेश सचिव मोहम्मद फहीम और जिला महासचिव बीएल पासी ने भी पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। इससे पहले भी कई जिलों के अध्यक्ष पार्टी छोड़ चुके हैं। यह पार्टी में पहला बड़ा विभाजन नहीं है। इससे पहले अनुप्रिया पटेल की मां कृष्णा पटेल और बहन पल्लवी पटेल ने भी पार्टी को विभाजित किया था। फिलहाल, राजकुमार ने अभी अपने अगले कदम की घोषणा नहीं की है। UP News
पार्टी छोड़ते समय क्या बोले अपना दल (एस) के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष
पार्टी छोड़ते समय अपना दल (एस) के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष राजकुमार पाल ने आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी के सिद्धांतों और नीतियों से पार्टी भटक गई है। पार्टी की विचारधारा अंबेडकर की रही है। डॉक्टर सोनेलाल का जो सपना था, पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष अपनी नीतियों से भटक चुकी हैं। कार्यकर्ताओं की पार्टी में जमकर उपेक्षा हो रही है। मैं प्रदेश अध्यक्ष रहते जिले के अध्यक्ष को नहीं जान पाता। विधानसभा प्रभारी बन जाए तो कोई पूछना भी मुनासिब नहीं समझता है। मनमानी तरीके से निर्णय को ले लिए जाते हैं, इसलिए मैंने पार्टी से इस्तीफा देना ही उचित समझा है। UP News