उत्तर प्रदेश में उपचुनाव के लिए BJP ने कसी कमर, राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बैठक कर बना रहें रणनीति
UP News
भारत
चेतना मंच
29 Nov 2025 01:06 AM
UP News : लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में सीटें कम होने के बाद बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री (संगठन) बीएल संतोष पहली बार लखनऊ पहुंचे। अपने दौरे के दौरान, शनिवार और रविवार को उन्होंने सरकार और संगठन के कार्यों की समीक्षा की और उन लोकसभा सीटों पर चर्चा की, जहां बीजेपी को हार का सामना करना पड़ा था। इसके अलावा, वह सोशल मीडिया, एससी मंत्रियों और संगठन के पदाधिकारियों के साथ बातचीत की। बता दें कि यूपी की 10 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव भी है ऐसे में बीजेपी इस बार कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती है।
नतीजों से नहीं हैं संतुष्ट- असीम अरुण
यूपी सरकार में मंत्री असीम अरुण ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी वंचितों के लिए काम कर रही है लेकिन जो लोग छूट रहे हैं उनको भी जोड़ने के लिए रणनीति तैयार की जा रही है। आज की बैठक में चर्चा हुई है कैसे इन्हें और बेहतर किया जाए। वहीं इसपर सुझाव मांगे गए हैं। असीम अरुण ने कहा कि प्रदेश के मंत्री, अनुसूचित मोर्चा मौजूद रहा, जो नतीजे आए हैं उनसे हम संतुष्ट नहीं हैं इसलिए और गहनता काम करेंगे।
दलितों की नाराजगी के सवाल पर बोली गुलाब देवी
यूपी सरकार की मंत्री गुलाब देवी ने कहा कि आज की बैठक में संगठन की बात रखी गई। गुलाब देवी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार में सभी वर्गों के लिए काम हो रहा है और यही हमारी सबसे बड़ी उपलब्धि है उन्होंने कहा कि दलित बीजेपी से नाराज नहीं है मुझे बीजेपी में दलित होते हुए भी चार बार मंत्री बनाया है सबसे ज्यादा फायदा बीजेपी से हमारे दलित भाइयों को हो रहा है और ऐसे वर्ग के लिए भी हो रहा है जो भारतीय जनता पार्टी के लिए अच्छा नहीं सोचता। वहीं प्रदेश महामंत्री व पूर्व सांसद प्रियंका रावत ने कहा कि संगठनात्मक बैठक की गई उन्होंने कहा कि आप लोगों को कहां से लगता है कि दलितों को जोड़ने की आवश्यकता है। दलितों को सम्मान भाजपा में मिलता है।
यूपी 10 सीटों पर होना है उपचुनाव UP News
यूपी की 10 में से 9 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव इसलिए हो रहे हैं क्योंकि इन सीटों के विधायक लोकसभा चुनाव में सांसद चुने गए थे। इसके अलावा, कानपुर के सीसामऊ की सीट समाजवादी पार्टी के विधायक इरफान सोलंकी को सजा सुनाए जाने के बाद खाली हुई है। जिन 10 सीटों पर उपचुनाव हो रहे हैं, उनमें करहल, सीसामऊ, मिल्कीपुर, कटेहरी और कुंदरकी की सीटें सपा के पास थीं। खैर, गाजियाबाद और फूलपुर सीटें बीजेपी के पास थीं, जबकि मझवा निषाद पार्टी और मीरापुर रालोद के पास थीं।