खुले में मांस बेचने पर भड़के BJP विधायक शलभ मणि, दी सख्त चेतावनी
UP News
उत्तर प्रदेश
RP Raghuvanshi
13 Jul 2024 11:11 PM
उत्तर प्रदेश
RP Raghuvanshi
13 Jul 2024 11:11 PM
UP News : सावन का महीना आ चुका है। ऐसे में कांवड़ यात्रा की तैयारियां जोरों-शोरों से शुरू हो चुकी है। कांवड़ यात्रा के दौरान अक्सर विवादों का माहौल पैदा हो जाता है। इसलिए इस बार उत्तर प्रदेश सरकार और प्रशासन काफी सख्त हो गई है। उत्तर प्रदेश के देवरिया में खुले में मांस बेचने का मुद्दा पूरी तरह से गर्माया हुआ है। जिसे लेकर भाजपा विधायक शलभ मणि ने देवरिया डीएम को पत्र लिखते हुए चेतावनी दे दी है। भाजपा विधायक का कहना है कि, सावन शुरू होने से पहले अगर खुले में मांस बेचना बंद नहीं हुआ तो वो खुद ही दुकान बंद कराने उतरेंगे।
मांस की दुकानों को कराया जाए बंद
शलभ मणि ने देवरिया के डीएम को चिट्ठी लिखकर कहा कि, अगर सावन महीना शुरू होने से पहले रेलवे स्टेशन रोड पर चल रहे अवैध बूचड़खाने व खुले में बिक रहे मांस की दुकानों को बंद नहीं कराया गया तो वह स्वयं बंद कराने उतरेंगे। इस दौरान अगर कोई अप्रिय घटना होती है तो इसके लिए प्रशासन खुद जिम्मेदार होगा।
मांस की वजह से पूरा इलाका रहता है बदबूदार
डीएम को चिट्ठी लिखते हुए शलभ मणि ने कहा कि, अत्यंत कष्ट के साथ लिखना पड़ रहा है कि आपको व आपके अधीनस्थ अधिकारियों को पत्र एवं टेलीफोन के माध्यम से बार-बार अवगत कराने के बाद भी देवरिया रेलवे स्टेशन के पास स्थित दुर्गा मंदिर के आस-पास बड़ी संख्या में बूचड़खानों का संचालन हो रहा है। साथ ही यहां पर खुले में मांस की बिक्री भी हो रही है। जिसकी वजह से पूरा इलाका बदबू से भरा रहता है। जब रेल के माध्यम से जनपद में आने वाले अतिथि रेलवे स्टेशन से बाहर निकलते हैं तो दुर्गन्ध व खुले में मांस बिक्री की वजह से उनके ज़ेहन में जनपद की बेहद खराब छवि बनती है। साथ ही आम जनमानस भी इस समस्या से काफी त्रस्त है। ये सब तब हो रहा है जब माननीय मुख्यमंत्री जी स्वयं निर्देशित कर चुके हैं कि खुले में मांस की बिक्री ना होने दी जाए और ऐसे अवैध बूचड़खाने तत्काल बंद किए जाएं।
क्या है दुकानदारों की मांग?
जानकारी के मुताबिक भाजपा विधायक की इस चिट्ठी के बारे में दुकानदारों से भी बात की गई। दुकानदारों का कहना है कि, हम लोगों को पता है कि विधायक जी ने दुकानों को बंद कराने के लिए चिट्ठी लिखा है लेकिन हम कहां जाए? हमें भी एक जगह दे दिया जाए ताकि हमारी रोजी-रोटी चलती रहे।