गाजियाबाद में प्रॉपर्टी खरीदना होगा महंगा! दिवाली के बाद बढ़ेंगे सर्किल रेट
भारत
चेतना मंच
01 Dec 2025 08:45 PM
अगर आप उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में अपने सपनों का घर या जमीन खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो अब जेब थोड़ी और ढीली करनी होगी। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिला प्रशासन ने सर्किल रेट बढ़ाने की तैयारी पूरी कर ली है, और यह बदलाव दिवाली के बाद लागू किया जाएगा। गाजियाबाद प्रशासन ने नई दरों का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेज दिया है। UP News :
नई दरों में 10 से 40% तक बढ़ोतरी का प्रस्ताव
राजस्व विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, नए सर्किल रेट में 10 से 40 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी प्रस्तावित है। यह बढ़ोतरी आवासीय, वाणिज्यिक और कृषि भूमि तीनों श्रेणियों के लिए अलग-अलग निर्धारित की गई है।
* आवासीय क्षेत्रों में 10% से 25% तक वृद्धि
* वाणिज्यिक क्षेत्रों में 30% से 40% तक बढ़ोतरी
* ग्रामीण व कृषि भूमि में मामूली बढ़ोतरी की संभावना
बढ़े हुए सर्किल रेट से जहां सरकारी राजस्व में बढ़ोतरी होगी, वहीं संपत्ति खरीदने वालों को अधिक स्टांप शुल्क देना पड़ेगा।
आपत्तियों का निस्तारण लगभग पूरा
नए सर्किल रेट के प्रस्ताव पर कुल 53 आपत्तियाँ प्राप्त हुई थीं, जिनमें से अधिकतर का निस्तारण कर दिया गया है। केवल हरनंदीपुरम क्षेत्र से जुड़ा मामला फिलहाल विचाराधीन है। राजस्व विभाग ने बताया कि शासन से दिशा-निर्देश मिलते ही इस पर निर्णय लेकर नई दरें अधिसूचित कर दी जाएंगी।
हरनंदीपुरम क्षेत्र पर विवाद जारी
हरनंदीपुरम इलाके के कुछ खसरा नंबरों को लेकर विवाद बना हुआ है। इस भूमि पर दरें अभी नहीं बढ़ाई गई हैं, क्योंकि यहां आवासीय कॉलोनी बसाने की योजना है। बताया जा रहा है कि गाजियाबाद विकास प्राधिकरण इस भूमि का अधिग्रहण करने की तैयारी में है। प्रशासन ने इस संबंध में शासन से गाइडलाइन मांगी है।
दिवाली के बाद लागू होंगी नई दरें
जिला प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि सभी आपत्तियों के निस्तारण के बाद दिवाली के तुरंत बाद नए सर्किल रेट लागू कर दिए जाएंगे। यानी नवंबर की शुरुआत से गाजियाबाद में संपत्ति खरीदने की लागत सीधे 10 से 40% तक बढ़ सकती है। सर्किल रेट किसी इलाके में संपत्ति की न्यूनतम सरकारी दर होती है, जिस पर रजिस्ट्री की जाती है। दरें बढ़ने से न केवल खरीदार को ज्यादा स्टांप ड्यूटी देनी पड़ती है, बल्कि संपत्ति की कुल कीमत भी स्वत: बढ़ जाती है। अगर आप घर या जमीन खरीदने की सोच रहे हैं, तो दिवाली से पहले रजिस्ट्री करवाना फायदे का सौदा साबित हो सकता है। दरें लागू होते ही आपको उसी संपत्ति के लिए लाखों रुपये अधिक चुकाने पड़ सकते हैं। UP News