यूपी में किसानों के लिए 'कार्बन क्रेडिट स्कीम' की शुरुआत, आमदनी भी बढ़ेगी, पर्यावरण भी बचेगा
UP News
उत्तर प्रदेश
RP Raghuvanshi
01 Dec 2025 07:17 PM
UP News : उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों की आय में वृद्धि और जलवायु संरक्षण के दोहरे उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए देश की पहली 'कार्बन क्रेडिट फाइनेंस स्कीम' की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसकी औपचारिक घोषणा अयोध्या धाम में राज्यव्यापी वृक्षारोपण अभियान के दौरान की। योजना के पहले चरण में राज्य के छह मंडलों के 244 किसानों को 49.55 लाख रुपये वितरित किए गए हैं, जबकि दूसरे चरण में 401 और किसानों को 25.45 लाख रुपये दिए जाएंगे।
पर्यावरणीय जागरूकता से आर्थिक सशक्तिकरण तक
यह योजना वन-कृषि (एग्रोफॉरेस्ट्री) आधारित है, जिसके तहत किसान वृक्षारोपण के माध्यम से कार्बन डाइआॅक्साइड अवशोषित करते हैं और इसके एवज में उन्हें 'कार्बन क्रेडिट' के रूप में आर्थिक लाभ मिलता है। राज्य सरकार के मुताबिक, यूपी के किसानों ने अब तक 42.19 लाख कार्बन क्रेडिट उत्पन्न किए हैं। प्रति क्रेडिट 6 डॉलर की दर से अंतरराष्ट्रीय कार्बन बाजार में यह एक मजबूत आय का स्रोत बन सकता है। प्रति पेड़ किसान को 250 से 350 रुपये तक की अतिरिक्त आय होती है। योजना के तहत 2024 से 2026 के बीच 25,140 किसानों को 202 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
किन जिलों में शुरू हुआ है पहला चरण?
-गोरखपुर: 2,406 किसानों को 34.66 करोड़
-बरेली: 4,500 किसानों को 24.84 करोड़
-लखनऊ: 2,512 किसानों को 21.26 करोड़
-मेरठ: 3,754 किसानों को 21.67 करोड़
-मुरादाबाद: 4,697 किसानों को ₹38.05 करोड़
-सहारनपुर: 7,271 किसानों को ₹61.52 करोड़
दूसरे चरण में यह योजना देवीपाटन, अयोध्या, झांसी, मिजार्पुर, कानपुर, वाराणसी और अलीगढ़ मंडलों तक विस्तारित होगी और अंतत: पूरे प्रदेश में लागू होगी।
कार्बन क्रेडिट : क्या है इसकी मूल अवधारणा?
कार्बन क्रेडिट एक पर्यावरणीय आर्थिक प्रणाली है, जिसमें एक क्रेडिट का अर्थ होता है एक टन कार्बन डाइआॅक्साइड या समतुल्य ग्रीनहाउस गैस की कटौती। जिन किसानों के खेतों में वृक्षारोपण या हरित क्रियाएं अधिक होती हैं, वे इस क्रेडिट को अर्जित कर कॉर्बन मार्केट में बेच सकते हैं, जिससे उन्हें सीधी आय होती है। इस योजना को द एनर्जी एंड रिसोर्सेज इंस्टीट्यूट की तकनीकी साझेदारी में लागू किया जा रहा है।
"एक पेड़ मां के नाम 2.0" बना नया पर्यावरणीय रिकॉर्ड
प्रदेश सरकार द्वारा चलाया गया वृक्षारोपण अभियान "एक पेड़ मां के नाम 2.0" इस वर्ष 37.21 करोड़ पौधों के रोपण के साथ एक नया रिकॉर्ड बनाकर सामने आया है। 2017 से अब तक 240 करोड़ पौधे लगाए जा चुके हैं, जिससे हरित आवरण में 5 लाख एकड़ की बढ़ोतरी हुई है। राज्य का हरित क्षेत्र 9.18% से बढ़कर लगभग 10% हो चुका है। उत्तर प्रदेश सरकार की यह पहल नवाचार और हरित अर्थव्यवस्था का एक दुर्लभ उदाहरण बन सकती है। यह न केवल किसानों को जलवायु योद्धा की भूमिका में लाती है, बल्कि राज्य को कार्बन न्यूट्रल भारत 2070 लक्ष्य की ओर ठोस कदम बढ़ाने वाला अग्रणी प्रदेश भी बना रही है।