महाकुंभ पर केमिकल खतरे की दस्तक! अस्पतालों में तैयार हो रहे स्पेशल वार्ड
Mahakumbh 2025
भारत
चेतना मंच
01 Dec 2025 09:40 PM
UP News : उत्तर प्रदेश की योगी सरकार महाकुंभ 2025 को ऐतिहासिक और भव्य बनाने की तैयारियों में जुटी है। इस बार रिकॉर्ड तोड़ श्रद्धालुओं के आने की संभावना है, जिसे ध्यान में रखते हुए सुरक्षा और व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं।
संभावित खतरों को लेकर गृह मंत्रालय सतर्क
महाकुंभ के दौरान केमिकल अटैक सहित अन्य आतंकी खतरों की संभावना को देखते हुए गृह मंत्रालय ने सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरती है। इन खतरों से निपटने के लिए सीबीआरएनई (Chemical, Biological, Radiological, Nuclear, and Explosive) टीम का गठन किया गया है।
CBRNE टीम की तैयारी
गृह मंत्रालय ने 25 विशेषज्ञों की टीम तैयार की है, जिन्हें नरोरा परमाणु केंद्र में विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। यह टीम केमिकल, बायोलॉजिकल, रेडियोलॉजिकल और न्यूक्लियर अटैक के हालात में घायलों का इलाज करने में सक्षम है।
प्रशिक्षण की मुख्य बातें
रेडियोएक्टिव तत्वों से प्रभावित घायलों का उपचार, रेडियोएक्टिव प्रभाव को सीमित करने की तकनीक, आधुनिक चिकित्सा उपकरणों का उपयोग करना। श्रद्धालुओं की सुरक्षासरकार के अनुमान के अनुसार, इस बार महाकुंभ में 40 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। इतनी बड़ी भीड़ की सुरक्षा के लिए गृह मंत्रालय ने NIA (National Investigation Agency) के माध्यम से विशेष निगरानी तैनात की है।
स्वरूप रानी चिकित्सालय में CBRN वार्ड
आतंकी खतरों से निपटने के लिए प्रयागराज के स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय में तीन विशेष CBRN वार्ड तैयार किए जा रहे हैं। रेडियोएक्टिव तत्वों से मुक्त करने वाली मशीनें, अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरण, प्रशिक्षित चिकित्सा विशेषज्ञ आदि शामिल है।
विशेषज्ञों का कहना
CBRNE टीम की सदस्य और विशेषज्ञ डॉ. वत्सला मिश्रा ने बताया कि केमिकल अटैक की स्थिति में घायलों के इलाज और प्रभावित क्षेत्र को सुरक्षित बनाने के लिए पूरी प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। डॉ. जीतेंद्र शुक्ला ने बताया कि इस ट्रेनिंग का उद्देश्य घायलों की मदद करने के साथ-साथ तीसरे व्यक्ति को प्रभावित होने से बचाना है। महाकुंभ 2025 को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए सरकार हर संभव प्रयास कर रही है। आधुनिक सुरक्षा तकनीक और विशेषज्ञ टीमों के माध्यम से श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। UP News