यूपी में यह शहर कहलाता है गजरे का शहर, किसान फूलों की खेती से घर बैठे कर रहे कमाई
उत्तर प्रदेश
RP Raghuvanshi
01 Dec 2025 02:44 PM
उत्तर प्रदेश के पश्चिमी हिस्से में स्थित मेरठ को सिर्फ औद्योगिक शहर के रूप में ही नहीं, बल्कि गजरे का शहर के नाम से भी जाना जाता है। उत्तर प्रदेश के इस जिले में चमेली और मोगरे के फूलों की खेती बड़े पैमाने पर होती है, जिनसे सुंदर और खुशबूदार गजरे तैयार किए जाते हैं। यही वजह है कि उत्तर प्रदेश के फूलों की इस नगरी की खुशबू पूरे देश में महकती है। UP News :
गजरा : सुंदरता और परंपरा का मेल
फूलों की रानी चमेली और मोगरे की कली से बनाए गए गजरे न केवल महिलाओं की सुंदरता में चार-चांद लगाते हैं, बल्कि इसकी खुशबू मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी मानी जाती है। तनाव कम करने और नर्वस सिस्टम को शांत रखने में यह मददगार साबित होता है।
कृषि और कारीगरी का संगम
मेरठ के कारीगर फूलों को गजरे, वेणी और सजावटी मालाओं में पिरोते हैं। इस कला में फूलों का चयन, धागे या वायर में पिरोना और मालाओं की गुंथाई जैसे कई जटिल कदम शामिल होते हैं। आम दिनों में एक गजरे की कीमत 200 रुपये होती है, जबकि त्यौहारों जैसे करवा चौथ में यह 300 से 400 रुपये तक बिक जाती है। इस व्यवसाय से किसानों और कारीगरों की आर्थिक स्थिति में भी सुधार हुआ है।
इतिहास और परंपरा
गजरे का उपयोग प्राचीन काल से दक्षिण एशिया में महिलाओं द्वारा श्रृंगार और उत्सवों में किया जाता रहा है। मुख्य रूप से चमेली के फूलों से बनाए जाने वाले गजरे पूजा, शादी और त्योहारों में प्रमुखता से इस्तेमाल किए जाते हैं। मेरठ में फूलों की खेती और कुशल कारीगरी का यह अनोखा संगम ही इस शहर को गजरे का शहर और फूलों की खुशबू से महकती नगरी बनाता है। UP News