
UP News : जैन धर्म और उत्तर प्रदेश की पवित्रता
उत्तर प्रदेश की भूमि सदियों से जैन धर्म की साधना और तीर्थंकरों की जन्मस्थली रही है।
"अयोध्या नगरी भगवान ऋषभदेव जैसे प्रथम तीर्थंकर के जन्म से धन्य हुई थी।
काशी और अयोध्या, दोनों ही नगर जैन धर्म की अध्यात्मिक परंपरा से जुड़े हैं।
लखनऊ स्थित संगीत नाटक अकादमी में जैन इंटरनेशनल ट्रेड ऑर्गनाइजेशन (JITO) द्वारा भव्य आयोजन।
कार्यक्रम का उद्देश्य था – शांति, सकारात्मक ऊर्जा और विश्व कल्याण को बढ़ावा देना।
मुख्यमंत्री ने जैन धर्म के सिद्धांतों की प्रासंगिकता पर बल दिया।
सभी 24 तीर्थंकरों के जीवन को बताया गया लोककल्याण हेतु समर्पित।
नमोकार महामंत्र को बताया साधना, आत्मशुद्धि और परोपकार का माध्यम।
सीएम योगी ने पीएम मोदी के बताए गए 9 संकल्पों को जीवन में अपनाने की अपील की:
सत्य के मार्ग पर चलना।
अहिंसा का पालन करना।
समाज के प्रति करुणा और सेवा की भावना रखना।
आत्मशुद्धि और आत्मचिंतन की आदत डालना।
सकारात्मक सोच और संवाद को बढ़ावा देना।
प्रकृति की रक्षा और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने का दृढ़ संकल्प लें।
लोककल्याण को प्राथमिकता देना।
सामाजिक समरसता और भाईचारे को अपनाना।
धार्मिक सहिष्णुता और विविधता को सम्मान देना।
जैन धर्म का मूल संदेश – "अहिंसा परमो धर्म" को बताया गया शाश्वत सत्य।
सीएम योगी ने हर भारतीय से जैन धर्म की शिक्षाओं को अपनाने और जन-जन तक पहुंचाने की अपील की।
पहली बार पूरे विश्व में एकसाथ मनाया गया "विश्व नमोकार महामंत्र दिवस"।
योगी ने कहा, यह आयोजन जैन संस्कृति की वैश्विक पहचान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा।
मुख्यमंत्री योगी ने अंत में सभी को महावीर जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।
साथ ही आग्रह किया कि जैन धर्म के उपदेशों को आत्मसात कर हम सभी समाज को एक नई दिशा दे सकते हैं। UP News :