
UP News : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 17 अप्रैल को लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास पर आयोजित 'जनता दर्शन' कार्यक्रम के माध्यम से प्रदेशवासियों के प्रति अपनी संवेदनशीलता और समर्पण का प्रदर्शन किया। इस कार्यक्रम में 125 से अधिक लोगों ने अपनी समस्याओं को मुख्यमंत्री के समक्ष रखा, जिन्हें उन्होंने न केवल गंभीरता से सुना, बल्कि त्वरित समाधान के लिए अधिकारियों को निर्देशित भी किया। यह कार्यक्रम इस बात का प्रत्यक्ष उदाहरण था कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रशासन में सुधार के साथ-साथ जनता की भलाई के लिए कितने प्रतिबद्ध हैं।
कार्यक्रम के दौरान, मुख्यमंत्री ने व्यक्तिगत रूप से प्रत्येक व्यक्ति की समस्याओं को सुना और उन पर त्वरित कार्यवाही के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से दिव्यांग व्यक्तियों की समस्याओं को प्राथमिकता दी और चंदौली से आए दो दिव्यांग युवकों को इलेक्ट्रॉनिक वाकिंग स्टिक प्रदान की, जिससे उनकी यात्रा में सहूलियत हो सके। यह कदम उनकी सरकार की जनहित में कार्य करने की नीति का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री ने बच्चों के प्रति अपनी संवेदनशीलता का भी प्रदर्शन किया। उन्होंने बच्चों को गोद में उठाया और उन्हें चॉकलेट देकर उनका हालचाल पूछा। यह कृत्य न केवल बच्चों को तसल्ली देता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि मुख्यमंत्री आम जनता के बीच कितने सटीक और सजीव रूप से अपनी उपस्थिति दर्ज करते हैं।
जनता दर्शन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह निर्देश दिया कि वे अपनी जिम्मेदारियों को पूरी गंभीरता से निभाते हुए जनता की समस्याओं का हल निकाले। उन्होंने खासतौर पर यह सुनिश्चित करने को कहा कि स्थानीय स्तर पर ही अधिकतर समस्याओं का समाधान किया जाए और केवल उच्च स्तर की समस्याएं ही बड़े अधिकारियों तक पहुंचाई जाएं।
योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट रूप से कहा कि उनकी सरकार का उद्देश्य हर पीड़ित को न्याय दिलाकर उसके चेहरे पर मुस्कान लाना है। उनके नेतृत्व में अधिकारियों को यह निर्देश दिया गया कि वे पीड़ितों की समस्याओं को गंभीरता और संवेदनशीलता से सुनें और उनके समाधान में कोई कसर न छोड़ें। यह नीति जनता के विश्वास को मजबूत करती है और प्रशासन को जन-केंद्रित बनाती है।
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में कई वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे, जिनमें मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह, अपर मुख्य सचिव एसपी गोयल, प्रमुख सचिव संजय प्रसाद, पुलिस महानिदेशक प्रशांत कुमार और राजस्व परिषद के अध्यक्ष अनिल कुमार शामिल थे। यह प्रशासनिक सहयोग कार्यक्रम की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। UP News :