
UP News : लखनऊ। हिंदी साहित्य के महान रचनाकार डॉ सूर्यकांत त्रिपाठी निराला की रचना ‘बाहर मैं कर दिया गया हूँ’ तथा इलाहाबाद विश्वविद्यालय के महान शिक्षक फिराक गोरखपुरी की रचना को 12वीं के पाठ्यक्रम से बाहर कर दिया गया है। इसको लेकर अब राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी आने लगी हैं।
देश के महान साहित्यकारों में से एक डॉ सूर्यकांत त्रिपाठी निराला की रचना ‘बाहर मैं कर दिया गया हूँ’ आज फिर प्रासंगिक है। दरअसल, सरकार ने 12वीं के सिलेबस से साहित्यकार सूर्यकांत त्रिपाठी निराला की रचनाओं को बाहर करने का निर्णय लिया है।
उनकी मार्मिक रचनाओं को पढक़र भावनाओं लोगों के अंदर आज भी भावनाओं का ज्वार उमड़ पड़ता है. लेकिन अब नई पीढिय़ां निराला की रचनाओं को पढऩे से वंचित रह जाएंगी। दरअसल एनसीआरटी ने 12वीं के सिलेबस से डॉ सूर्यकांत त्रिपाठी निराला की रचनाओं को हटाने का निर्णय लिया है। निराला के साथ-साथ फिराक गोरखपुरी की रचनाएं भी 12वीं के पाठ्यक्रम से हटाई गईं हैं।