अयोध्या से प्रयागराज माघ मेले जाना हुआ आसान, रोडवेज चलाएगा सीधी बसें

माघ मेले के दौरान दोनों तरफ लगातार बस संचालन होगा, यानी सुविधा शटल जैसी रहेगी और यात्रियों की चिंता कम होगी। खास तौर पर मुख्य स्नान पर्वों और पीक-डेज में बसों की फ्रीक्वेंसी बढ़ाकर भीड़ को संभालने की तैयारी है, ताकि उत्तर प्रदेश की यह आस्था-यात्रा सुरक्षित, सुगम और समयबद्ध बनी रहे।

अयोध्या से प्रयागराज संगम तक सीधी चलेंगी बसें
अयोध्या से प्रयागराज संगम तक सीधी चलेंगी बसें
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar01 Jan 2026 02:29 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश में माघ मेले को लेकर यात्रियों की भीड़ हर साल नए रिकॉर्ड बनाती है। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज संगम में गंगा स्नान के लिए उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए यूपी रोडवेज (अयोध्या डिपो) ने इस बार पहले ही ट्रैवल मैनेजमेंट का मास्टर प्लान तैयार कर मैदान में उतार दिया है। रोडवेज के मुताबिक अयोध्या–प्रयागराज रूट पर 270 बसें लगाई जा रही हैं, ताकि रामनगरी से संगम नगरी तक का सफर श्रद्धालुओं के लिए आसान बने। माघ मेले के दौरान दोनों तरफ लगातार बस संचालन होगा, यानी सुविधा शटल जैसी रहेगी और यात्रियों की चिंता कम होगी। खास तौर पर मुख्य स्नान पर्वों और पीक-डेज में बसों की फ्रीक्वेंसी बढ़ाकर भीड़ को संभालने की तैयारी है, ताकि उत्तर प्रदेश की यह आस्था-यात्रा सुरक्षित, सुगम और समयबद्ध बनी रहे।

पूर्वांचल के यात्रियों के लिए भी राहत

यह सुविधा केवल अयोध्या तक सीमित नहीं रहने वाली। उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल से माघ मेले की ओर बढ़ने वाले श्रद्धालुओं की भारी आवाजाही को देखते हुए सुल्तानपुर, अंबेडकर नगर समेत आसपास के जिलों से भी रोडवेज बसों का संचालन किया जाएगा। इसका फायदा यह होगा कि यात्रियों को अपने ही जिले से सीधे प्रयागराज के लिए कनेक्शन मिल सकेगा और अयोध्या बस अड्डे पर एक साथ उमड़ने वाली भीड़ का दबाव भी कम होगा। वहीं यूपी रोडवेज ने भीड़ के अनुमान को देखते हुए प्लान को फ्लेक्सिबल रखा है । जरूरत पड़ने पर रिजर्व फ्लीट को भी सड़क पर उतारने की तैयारी है, ताकि पीक-आवर्स में भी आवागमन रुके नहीं और उत्तर प्रदेश की इस आस्था-यात्रा में किसी श्रद्धालु को घंटों कतार में खड़ा न रहना पड़े।

संगम स्नान के बाद रामनगरी में दर्शन

माघ मेले में संगम स्नान के बाद श्रद्धालुओं की एक बड़ी धारा उत्तर प्रदेश की आस्था-राजधानी अयोध्या की ओर लौटती है। संगम से रामनगरी पहुंचकर लोग श्रीराम जन्मभूमि, हनुमानगढ़ी और प्रमुख मठ-मंदिरों में दर्शन-पूजन करते हैं। इसी संभावित भीड़ को देखते हुए अयोध्या शहर के भीतर भी एंट्री-एग्जिट और लोकल मूवमेंट के लिए रूट मैनेजमेंट को पहले से ज्यादा मजबूत किया गया है। यूपी रोडवेज का कहना है कि चारों दिशाओं से बस संचालन को व्यवस्थित तरीके से चलाकर जाम और अव्यवस्था को कम करने की कोशिश होगी। वहीं भीड़ नियंत्रण और बसों के ठहराव/टर्नअराउंड को आसान बनाने के लिए साकेत पेट्रोल पंप के पास अस्थायी बस स्टेशन भी तैयार किया गया है, ताकि मुख्य बस अड्डों पर दबाव घटे और संचालन तेज, सुचारू और यात्री-अनुकूल बना रहे।

रोडवेज अफसर का बयान

अयोध्या परिक्षेत्र के आरएम विमल रंजन के मुताबिक उत्तर प्रदेश में माघ मेले को लेकर हर साल श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर रहता है और इस बार भी तस्वीर कुछ अलग नहीं है। रोडवेज को अनुमान है कि बड़ी संख्या में यात्री अयोध्या से प्रयागराज संगम के लिए रवाना होंगे और स्नान के बाद रामनगरी लौटकर दर्शन-पूजन करेंगे। इसी संभावित भीड़ को ध्यान में रखते हुए अयोध्या–प्रयागराज कॉरिडोर पर 270 बसें तैनात की गई हैं, जो अलग-अलग स्टेशनों/रूट्स से संचालित होंगी ताकि यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी मिल सके। उन्होंने बताया कि मकर संक्रांति और बसंत पंचमी के दौरान अयोध्या में होने वाले मेलों के चलते शहर में भी अतिरिक्त दबाव बनता है, इसलिए जरूरत के हिसाब से बस संचालन और फ्रीक्वेंसी बढ़ाने की भी तैयारी है।

यात्रियों के लिए अपील

यूपी रोडवेज ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे यात्रा के दौरान केवल निर्धारित बस स्टेशनों और अस्थायी बस स्टेशन का ही इस्तेमाल करें, ताकि भीड़ प्रबंधन और बस संचालन दोनों व्यवस्थित रह सकें। रोडवेज अधिकारियों का कहना है कि प्रशासन द्वारा जारी रूट-गाइडलाइन और दिशा-निर्देशों का पालन करने से यात्रियों को अनावश्यक भटकाव, जाम और देरी से बचाया जा सकेगा।  UP News


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नए साल में उत्तर प्रदेश को मिलेगी 10 बड़ी सौगात

उत्तर प्रदेश सरकार का दावा है कि उत्तर प्रदेश 2026 में एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी, जेवर एयरपोर्ट, निवेश परियोजनाओं के ग्राउंडिंग, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और स्वास्थ्य-सुरक्षा व्यवस्था इन सभी मोर्चों पर एक साथ बड़ा कदम बढ़ाएगा।

उत्तर प्रदेश सरकार का बड़ा प्लान
उत्तर प्रदेश सरकार का बड़ा प्लान
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar01 Jan 2026 01:55 PM
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UP News : नए साल की शुरुआत के साथ ही उत्तर प्रदेश (UP) के लिए कई बड़ी सौगातो की खुशियां लेकर आने वाला है। उत्तर प्रदेश सरकार इस नए साल उत्तर प्रदेश वासियों को कई बड़ी सौगात देने वाली है। उत्तर प्रदेश सरकार के संकेतों के मुताबिक 2026 को यूपी में ‘Jobs + Infrastructure + Investment’ का मेगा-ईयर बनाने की रणनीति पर काम चल रहा है। एक तरफ करीब 1.5 लाख युवाओं को सरकारी नौकरियां देने का लक्ष्य बताया जा रहा है, तो दूसरी ओर लगभग 15 लाख करोड़ रुपये तक निवेश जुटने की उम्मीद जताई जा रही है। उत्तर प्रदेश सरकार का दावा है कि उत्तर प्रदेश 2026 में एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी, जेवर एयरपोर्ट, निवेश परियोजनाओं के ग्राउंडिंग, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और स्वास्थ्य-सुरक्षा व्यवस्था इन सभी मोर्चों पर एक साथ बड़ा कदम बढ़ाएगा।

उत्तर प्रदेश में भर्ती का बड़ा साल

उत्तर प्रदेश में 2026 को भर्ती-वर्ष बनाने की तैयारी तेज होती दिख रही है। उत्तर प्रदेश  सरकार के प्रस्तावित प्लान के मुताबिक यूपी पुलिस में 30 हजार आरक्षी और 5 हजार सब-इंस्पेक्टर समेत अन्य पदों पर नियुक्तियों की रूपरेखा बनाई गई है। वहीं उत्तर प्रदेश के शिक्षा विभाग में सहायक अध्यापक से लेकर प्रधानाचार्य तक करीब 50 हजार पदों पर भर्ती की योजना बताई जा रही है। राजस्व विभाग में भी 20 हजार पदों के लिए प्रक्रिया आगे बढ़ने के संकेत हैं। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के कारागार, आवास विकास, बाल विकास-पुष्टाहार और स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण विभागों में करीब 30 हजार पद भरने का लक्ष्य रखा गया है। कुल मिलाकर, अगर ये घोषणाएं तय समय पर अमल में आती हैं, तो उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए 2026 सिर्फ कैलेंडर का नया साल नहीं, बल्कि करियर की नई शुरुआत बन सकता है।

उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को रफ्तार देगा गंगा एक्सप्रेसवे

उत्तर प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर मैप पर 2026 की सबसे बड़ी पहचान बनने जा रहा गंगा एक्सप्रेसवे अब शुरूआत की दहलीज़ पर बताया जा रहा है। करीब 594 किलोमीटर लंबा यह मेगा कॉरिडोर मेरठ से प्रयागराज तक तेज़ कनेक्टिविटी देगा और रास्ते में उत्तर प्रदेश के 12 जिलों व 518 गांवों को सीधे विकास की मुख्यधारा से जोड़ देगा। इस परियोजना पर लगभग 36,230 करोड़ रुपये के निवेश की बात कही जा रही है। सरकार का दावा है कि एक्सप्रेसवे चालू होते ही उत्तर प्रदेश में माल ढुलाई (लॉजिस्टिक्स) तेज होगी, उद्योगों की आवाजाही आसान होगी और रीजनल कनेक्टिविटी को नई रफ्तार मिलेगी।

5वीं ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी

उत्तर प्रदेश साल 2026 की शुरुआत को निवेश के बड़े “एक्शन मोड” में बदलने की तैयारी में है। उत्तर प्रदेश सरकार 5वीं ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी (GBC) के जरिए उन परियोजनाओं को कागज़ से जमीन पर उतारने का लक्ष्य लेकर चल रही है, जिनकी कुल लागत 5 लाख करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है। सरकार का कहना है कि अब तक आयोजित चार ग्राउंड ब्रेकिंग समारोहों के माध्यम से 15 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की औद्योगिक परियोजनाएं शुरू हो चुकी हैं और 60 लाख से अधिक युवाओं को नौकरी व रोजगार के अवसर मिले हैं। ऐसे में 2026 की यह GBC उत्तर प्रदेश के लिए सिर्फ एक इवेंट नहीं, बल्कि निवेश, उद्योग और रोजगार को एक साथ गति देने वाला बड़ा पड़ाव साबित हो सकती है।

उत्तर प्रदेश में फिर हो सकता है ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट जैसा बड़ा आयोजन

उत्तर प्रदेश 2026 में एक बार फिर दुनिया के निवेशकों के लिए बड़ा मंच सजाने की तैयारी कर रहा है। 2023 में मिले रिकॉर्ड निवेश प्रस्तावों के बाद सरकार अब एक और वैश्विक निवेशक सम्मेलन को और बड़े पैमाने पर आयोजित करने के विकल्प पर काम कर रही है। संकेत हैं कि इस बार फोकस सिर्फ एमओयू तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि प्रोजेक्ट ग्राउंडिंग, जॉब क्रिएशन और सेक्टर-वाइज निवेश टारगेट को केंद्र में रखा जाएगा। इसके लिए औद्योगिक विकास विभाग और इन्वेस्ट यूपी की टीमों के स्तर पर व्यापक कार्ययोजना तैयार करने की बातें सामने आई हैं। 

‘निवेश मित्र 3.0’ से यूपी में आसान होगा कारोबार

उत्तर प्रदेश में कारोबार को आसान और तेज बनाने की दिशा में सरकार 2026 में ‘निवेश मित्र 3.0’ लॉन्च करने की तैयारी कर रही है। यह ऑनलाइन सिंगल-विंडो सिस्टम निवेशकों के लिए अनुमति, मंजूरी और प्रक्रियाओं को एक ही प्लेटफॉर्म पर समेटने का दावा करता है। सरकार के मुताबिक नए वर्जन में अधिक स्मार्ट फीचर, बेहतर ट्रैकिंग और तेज क्लियरेंस जैसी सुविधाएं जोड़ी जाएंगी, ताकि निवेशक को दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ें और फैसले टाइम-बाउंड तरीके से हों।

उत्तर प्रदेश के आयुष अस्पतालों में शुरू होंगी 53 तरह की सर्जरी

उत्तर प्रदेश स्वास्थ्य सेवाओं में 2026 के दौरान एक नया प्रयोग शुरू करने की दिशा में बढ़ रहा है। प्रस्तावित योजना के अनुसार यूपी के आयुष अस्पतालों में चरणबद्ध तरीके से 53 तरह की सर्जरी सुविधाएं शुरू की जा सकती हैं। सरकार का दावा है कि इससे एलोपैथ अस्पतालों पर बढ़ता मरीज-भार कम होगा और लोगों को सामान्य/छोटी सर्जरी के लिए महीनों तक तारीख का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। 

कोडीन सिरप-एनडीपीएस दवाओं की कालाबाजारी पर सख्ती

उत्तर प्रदेश में कोडीनयुक्त कफ सिरप और एनडीपीएस श्रेणी की दवाओं की अवैध बिक्री पर लगाम कसने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार और सख्त नियमों की तैयारी कर रही है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत थोक दवा प्रतिष्ठानों की जियो-टैगिंग, उनकी भंडारण क्षमता का व्यवस्थित रिकॉर्ड, और खरीद-बिक्री से जुड़े फोटो-वीडियो दस्तावेज रखना अनिवार्य किया जा सकता है। माना जा रहा है कि इन कदमों से दवाओं की सप्लाई चेन ट्रेस करने योग्य बनेगी और कालाबाजारी करने वालों के लिए बच निकलना मुश्किल होगा।

साइबर ठगी पर लगेगी लगाम

उत्तर प्रदेश में बढ़ते साइबर अपराध और ऑनलाइन ठगी पर लगाम लगाने के लिए पुलिस तंत्र को और तेज़ व सक्षम बनाने की तैयारी है। रिपोर्ट के मुताबिक डायल-112 समेत संबंधित कॉल सेंटर्स की मैनपावर और ऑपरेशनल क्षमता को लगभग दोगुना करने की योजना पर काम चल रहा है। 

कानपुर–लखनऊ एक्सप्रेसवे फरवरी 2026 तक पूरा होने का दावा

उत्तर प्रदेश की कनेक्टिविटी को नई रफ्तार देने वाली कानपुर–लखनऊ एक्सप्रेसवे परियोजना को लेकर बड़ा दावा सामने आ रहा है कि इसका काम फरवरी 2026 तक पूरा हो सकता है। करीब 63 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर पर लगभग 4,700 करोड़ रुपये की लागत बताई जा रही है। सरकार के अनुसार, एक्सप्रेसवे शुरू होते ही लखनऊ एयरपोर्ट से कानपुर का सफर, जो अभी कई बार 3 घंटे तक खिंच जाता है, वह करीब 40 मिनट में सिमट सकता है।

उत्तर प्रदेश के विकास एजेंडे में जेवर एयरपोर्ट और बड़े प्रोजेक्ट्स

उत्तर प्रदेश के लिए 2026 कई मायनों में “मेगा-प्रोजेक्ट्स” का साल बनने की ओर बढ़ रहा है। जेवर में बन रहा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट इस चर्चा के केंद्र में है, जिसे प्रदेश की वैश्विक कनेक्टिविटी और निवेश आकर्षण का नया गेटवे माना जा रहा है। इसके साथ ही कई अन्य बड़ी परियोजनाएं भी एक साथ गति पकड़ने की उम्मीद है।  UP News

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उत्तर प्रदेश सरकार का बड़ा फैसला: नक्शा पास कराने की भागदौड़ खत्म

ई व्यवस्था के तहत भू-स्वामी खुद ऑनलाइन आवेदन कर कुछ ही मिनटों में अपने मानचित्र की मंजूरी हासिल कर सकेंगे। इसकी शुरुआत उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से की गई है, जहां लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने नए बिल्डिंग बायलॉज के तहत फास्ट-ट्रैक सिस्टम फास्टपास लागू कर दिया है।

उत्तर प्रदेश सरकार की नई डिजिटल सौगात
उत्तर प्रदेश सरकार की नई डिजिटल सौगात
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar01 Jan 2026 11:17 AM
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UP News : उत्तर प्रदेश से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। उत्तर प्रदेश से जुड़ी यह खबर हर उत्तर प्रदेश वासी के लिए अति आवश्यक है। उत्तर प्रदेश से जुडी खर उत्तर प्रदेश सरकार ने दी है। उत्तर प्रदेश सरकार ने नए साल 2026 के मौके पर उत्तर प्रदेश वासियों को बड़ा तौफा दिया है। नए साल 2026 पर उत्तर प्रदेश सरकार ने लोगों को बड़ी सुविधा देते हुए भवन मानचित्र (नक्शा) स्वीकृति की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और तेज बना दिया है। अब घर या दुकान का नक्शा पास कराने के लिए विकास प्राधिकरण के दफ्तरों के चक्कर लगाने की मजबूरी नहीं रहेगी। नई व्यवस्था के तहत भू-स्वामी खुद ऑनलाइन आवेदन कर कुछ ही मिनटों में अपने मानचित्र की मंजूरी हासिल कर सकेंगे। इसकी शुरुआत उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से की गई है, जहां लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने नए बिल्डिंग बायलॉज के तहत फास्ट-ट्रैक सिस्टम ‘फास्टपास’ लागू कर दिया है। एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के अनुसार, ‘फास्टपास’ के जरिए 100 वर्गमीटर तक के आवासीय और 30 वर्गमीटर तक के व्यावसायिक भवनों के नक्शे अब स्वयं भू-स्वामी ऑनलाइन माध्यम से स्वीकृत करा सकेंगे

map.up.gov.in पर होगा आवेदन

उत्तर प्रदेश सरकार की इस नई डिजिटल व्यवस्था में आवेदकों को map.up.gov.in पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। पूरी प्रक्रिया को डिजिटल, पारदर्शी और यूजर-फ्रेंडली रखा गया है, ताकि उत्तर प्रदेश के आम नागरिक बिना किसी बिचौलिये, बिना भागदौड़ और बिना अनावश्यक देरी के अपना नक्शा पास करा सकें। आवेदन की शुरुआत पोर्टल पर नाम और मोबाइल नंबर दर्ज कर रजिस्ट्रेशन से होगी। इसके बाद आवेदक अपना लॉगिन आईडी और पासवर्ड बनाकर सिस्टम में प्रवेश करेगा और वहीं से मानचित्र अपलोड कर सकेगा। इतना ही नहीं, पोर्टल पर ही स्वतः गणना के आधार पर देय शुल्क दिख जाएगा, जिसे आवेदक ऑनलाइन भुगतान कर तुरंत प्रक्रिया आगे बढ़ा सकेगा।

भू-स्वामी को देना होगा पूरा विवरण

उत्तर प्रदेश में फास्टपास के जरिए नक्शा स्वीकृत कराने से पहले भू-स्वामी को यह सुनिश्चित करना होगा कि संबंधित भूखण्ड का लैंड यूज मास्टर प्लान के अनुरूप हो। यानी नियमों के खिलाफ जाकर अब कोई भी आवेदन आगे नहीं बढ़ पाएगा। आवेदन करते समय भू-स्वामी को पोर्टल पर कुछ जरूरी जानकारियां स्व-प्रमाणित (Self-Verified) करनी होंगी, ताकि मंजूरी की प्रक्रिया तेज भी रहे और पारदर्शी भी। इनमें भूखण्ड की सटीक लोकेशन, आसपास की सड़कों की लंबाई-चौड़ाई, प्रस्तावित भवन की ऊंचाई और कवर्ड एरिया, फ्रंट-साइड-रियर सेटबैक से जुड़ी जानकारी के साथ-साथ प्रवेश-निकास द्वार और पार्किंग व्यवस्था का पूरा ब्योरा शामिल होगा।

मिनटों में मिलेगा प्रमाणित नक्शा और सर्टिफिकेट

उत्तर प्रदेश में लागू इस नई डिजिटल व्यवस्था की खासियत यह है कि जैसे ही भू-स्वामी मानचित्र के साथ पूरा विवरण पोर्टल पर दर्ज करेगा, सिस्टम तय मानकों के आधार पर तुरंत सत्यापन शुरू कर देगा। अगर जानकारी और मानक सही पाए गए, तो कुछ ही मिनटों में नक्शा स्वीकृत हो जाएगा। मंजूरी मिलते ही आवेदक को पोर्टल पर ही ऑटो-जनरेटेड प्रमाणित मानचित्र और स्वीकृति प्रमाणपत्र (सर्टिफिकेट) उपलब्ध करा दिया जाएगा, जिसे डाउनलोड कर सीधे उपयोग किया जा सकेगा। UP News

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