UP News : इसी साल शुरू हो जाएंगे अयोध्या मन्दिर में भगवान राम के दर्शन, सन्त समाज करेगा उद्घाटन
Darshan of Lord Ram will start in Ayodhya temple this year, Sant Samaj will inaugurate
भारत
चेतना मंच
27 Nov 2025 10:48 AM
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने कहा कि अयोध्या में बन रहा राम मंदिर देश के सम्मान का प्रतीक है। श्रीराम इस देश की आत्मा में बसे हैं। इसलिए इस मंदिर का निर्माण राष्ट्र के सम्मान का निर्माण है। यह कोई सामान्य मंदिर नहीं है। इससे जुड़े सारे विषय गौड़ हैं। जिस प्रकार गरीब के लिए रोजगार और रोटी से भी बढ़कर कोई सम्मान नहीं होता है। उसी प्रकार यह मंदिर भी सम्मान का द्योतक है। राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा दिसंबर या जनवरी तक होगी। मंदिर का उद्घाटन संत महात्मा भी कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि मंदिर में भगवान राम के पांच वर्ष की आयु के स्वरूप की मूर्ति स्थापित की जाएगी।
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राम मंदिर का निर्माण राष्ट्र के सम्मान का निर्माण है
चंपत राय ने कहा कि यह उस मंदिर का निर्माण है, जिसे विदेशी आक्रांता ने हिंदुस्तान की सेनाओं को कमजोर समझकर तोड़ दिया था। वर्ष 1528 में एक विदेशी आक्रांता आया था, जिसने मंदिर तोड़कर देश की आत्मा को आहत करने का काम किया था। भगवान राम इस देश की आत्मा में बसते हैं। इसलिए इस मंदिर का निर्माण राष्ट्र के सम्मान का निर्माण है।
वाल्मीकि रामायण से लिया गया है रामलला का बाल स्वरूप
चंपत राय ने कहा कि रामलला के पांच वर्ष का स्वरूप वाल्मीकि रामायण में वर्णित घटनाओं से लिया गया है। भगवान राम विष्णु के अवतार थे। इसी आधार पर राम के पांच वर्ष की आयु के स्वरूप को बनाया जा रहा है। राम की मूर्ति के अलावा चारों ओर सूर्य देवता का मंदिर भी बनेगा। भगवती, गणपति और शंकर जी का भी मंदिर बनेगा। अन्नपूर्णा और हनुमानजी का भी मंदिर बन रहा है। यही नहीं, महर्षि वाल्मीकि, वशिष्ठ, विश्वामित्र अगस्त्य मुनि, निषादराज, सबरी, अहिल्या एवं जटायु की भी प्रतिमाएं बनेंगी।
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उद्घाटन में लोगों से पट जाएगी अयोध्या की धरती
ट्रस्ट के महासचिव ने कहा कि राम मंदिर के उद्घाटन में अयोध्या लोगों से पट जाएगी। वहां तिल रखने की भी जगह नहीं होगी। दुनियाभर से लोग आएंगे, लेकिन विदेशी लोग सोच-समझ कर ही आएं। पाकिस्तान से भी हिंदू बुलाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि राम मंदिर बहुत भव्य बन रहा है। तीन मंजिला है। 392 खम्भे हैं। लंबाई लगभग साढ़े तीन सौ फीट और चौड़ाई 250 फीट है।
गर्भगृह के शिखर की ऊंचाई 161 फीट है। यह जमीन से लगभग 21 फीट ऊंचे चबूतरे पर बनाया जा रहा है। इसमें लोहा नहीं है। पत्थरों को जोड़ने के लिए ताम्बे का प्रयोग किया जा रहा है। यह ईंट और गारे का काम नहीं है। खम्बे, बीम एवं छत सब पत्थर के हैं। यह पत्थर हल्के गुलाबी रंग के हैं। गर्भगृह में राजस्थान के मकराना के सफेद रंग के पत्थर लगाए गए हैं।
26 से 30 जून के बीच हो सकता है काष्ठ समर्पण समारोह
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने कहा कि उद्घाटन कौन करेगा, अभी सोचा नहीं है। उद्घाटन कोई भी व्यक्ति कर सकता है। संत महात्मा भी कर सकते हैं। हमने अक्टूबर तक रामलला की मूर्ति और इससे पहले सितंबर तक गर्भगृह का निर्माण पूरा करने का लक्ष्य रखा है। राम मंदिर का निर्माण तेज गति से चल रहा है। निर्माणाधीन मंदिर के ग्राउंड फ्लोर पर निर्माण कार्य लगभग पूरा होने को है।
राम मंदिर के दरवाजे महाराष्ट्र के चंद्रपुर की सागौन की लकड़ी से बनाए जाएंगे। इसके लिए सागौन की लकड़ी की पहली खेप चंद्रपुर से अयोध्या पहुंच गई है। दरवाजे का निर्माण कार्य भी विधि-विधान के साथ आयोजित कार्यक्रम के बाद होगा, जिसे काष्ठ समर्पण समारोह नाम दिया गया है। इस समारोह का आयोजन 26 से 30 जून के बीच किए जाने की संभावना है। इस समर्पण समारोह में यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे भी मौजूद रहेंगे।