उत्तर प्रदेश में धर्मांतरण, उत्पीड़न, ब्लैकमेलिंग का गंदा खेल, बेटे-पति ने लगाए रूह कंपाने वाले आरोप
भारत
चेतना मंच
30 Nov 2025 06:28 PM
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से एक गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें एक 11 वर्षीय हिंदू बच्चे को नशीला पदार्थ खिलाकर बेहोश किया गया और उसका खतना करवा दिया गया। उत्तर प्रदेश में घटी इस घटना में इसके बाद, उसकी मां की अश्लील वीडियो और फोटो बनाकर उसे ब्लैकमेल किया गया, ताकि वह इस्लाम धर्म स्वीकार कर ले। उत्तर प्रदेश में घटी यह घटना ठाकुरगंज थाना क्षेत्र के न्यू हैदरगंज इलाके की है। इस शर्मनाक घटना की जानकारी मिलने के बाद उत्तर प्रदेश की पुलिस प्रशासन सतर्क हो गई है। UP News :
पीड़ित परिवार की आपबीती
पीड़ित अंकित पांडे ने बताया कि वह अपनी पत्नी प्रियंका और बेटे अर्णव के साथ किराए के मकान में रहते हैं और सोने-चांदी की दुकान पर काम करते हैं। करीब दो महीने पहले, जब वे अपने बेटे को नहला रहे थे, तो देखा कि उसके शरीर पर खतने के निशान थे। इस पर पत्नी प्रियंका ने बताया कि उन्होंने इस्लाम धर्म स्वीकार कर लिया है और बेटे का भी खतना करवा दिया है। अंकित के अनुसार, मंसूर हसन सैफी नामक व्यक्ति उनके घर आता था और उनकी पत्नी प्रियंका से नजदीकी बढ़ाता था। इस बीच, प्रियंका प्रेग्नेंट हुईं और बेटे की डिलीवरी के बाद चार दिन के बेटे की मौत हो गई। इसके बावजूद, प्रियंका ने मंसूर हसन से संबंध बनाए रखे। 29 अगस्त को मंसूर हसन सैफी पुलिस को लेकर उनके घर आ गया और गालियां देने लगा। इस दौरान, अंकित और उनके भाई को पकड़ लिया गया, जबकि मंसूर हसन सैफी प्रियंका और अर्णव को लेकर फरार हो गया।
बच्चे की आपबीती
पीड़ित मासूम अर्णव ने बताया कि मंसूर हसन सैफी उनके घर आता था और मीट और अंडा बनाता था। बकरीद पर घर में गौ मांस आया, जिसे खाने के लिए वह दबाव डालते थे, लेकिन उसने मना कर दिया। एक दिन, उसे खाने में नशीला पदार्थ मिलाकर बेहोश कर दिया गया और घर से उठा ले गए। बेहोशी में ही उसका खतना करवा दिया गया। जब उसे होश आया, तो उसने देखा कि उसके साथ गलत हरकत हो चुकी है। मां और मंसूर हसन उसे धमकाते थे कि अगर पिता से कुछ बताया, तो जान से मार देंगे। मंसूर हसन सैफी ने उसे और उसकी मां को सआदतगंज स्थित अपने घर में रखा और चार दिनों तक उनसे जबरदस्ती काम करवाया, पैर दबवाए और बेल्ट से मारा। वह कहते थे कि अगर इस्लाम धर्म स्वीकार करोगे, तो प्यार से रखेंगे, वरना जान से मार देंगे। मां और बहन ने मंसूर हसन की हरकतों का समर्थन किया और कहा कि तुमने ठीक किया है। एक दिन, मौका पाकर अर्णव वहां से भाग निकला और पैदल ही अपने घर आ गया। अब वह अपने पिता के पास और अपने धर्म में वापसी करके खुश है। वह राजाजीपुरम के सेंट जोसेफ स्कूल में कक्षा 4 का छात्र है।
पुलिस और कानूनी पहल
अंकित पांडे ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनका मुकदमा दर्ज नहीं किया और उन्हें थाने की दौड़ लगवाते रहे। कोर्ट में जब वह अपनी पत्नी से मिले और समझाने की कोशिश की, तो उसने उन पर अपहरण के झूठे आरोप लगाए, जिसके तहत पुलिस ने उन्हें बंद कर दिया। प्रियंका ने बताया कि उसके कुछ फोटो और वीडियो मंसूर हसन के पास हैं, इसलिए वह वापस अपने घर नहीं आ सकती। हालांकि, अंकित पांडे ने अपने बेटे को वापस पाकर खुशी जताई, लेकिन धर्मांतरण के इस बड़े रैकेट और गंदे खेल को उजागर करने और पुलिस से न्याय की गुहार लगाते हुए दर-दर भटक रहे हैं। UP News
जबरन धर्मांतरण को अपराध माना जाता है
यह मामला उत्तर प्रदेश में धर्मांतरण, उत्पीड़न और ब्लैकमेलिंग के गंभीर पहलुओं को उजागर करता है। उत्तर प्रदेश सरकार ने 2020 में "उत्तर प्रदेश धर्मांतरण प्रतिषेध अधिनियम" लागू किया था, जो जबरन धर्मांतरण को अपराध मानता है और इसके लिए कठोर दंड का प्रावधान करता है। इस अधिनियम के तहत, यदि धर्मांतरण धोखे, बल, प्रलोभन या विवाह के माध्यम से किया जाता है, तो उसे गैरकानूनी माना जाता है। इस मामले में भी यदि आरोप सही साबित होते हैं, तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। यह घटना समाज में धर्मांतरण के नाम पर हो रहे अपराधों और उनके खिलाफ कानूनी पहलुओं पर गंभीर विचार करने की आवश्यकता को दर्शाती है। UP Newsउत्तर प्रदेश के यमुना सिटी में बनेंगे 5 नए सेक्टर, किसानों को 72 घंटे में भुगतान