उत्तर प्रदेश में ड्रग्स सिंडिकेट का भंडाफोड़, अस्पतालों में बिक रही नकली दवाएं; 71 करोड़ की खेप जब्त
भारत
चेतना मंच
02 Sep 2025 01:48 PM
उत्तर प्रदेश में नकली दवाओं का बड़ा सिंडिकेट सामने आया है, जो मरीजों की जान से खिलवाड़ कर रहा था। एसटीएफ और उत्तर प्रदेश राज्य औषधि विभाग की संयुक्त जांच में यह खुलासा हुआ है कि सिंडिकेट ने अस्पतालों में संचालित मेडिकल स्टोरों के जरिए नकली दवाओं को खपाया। उत्तर प्रदेश में बीते 10 दिनों में करीब 71 करोड़ रुपये की नकली दवाएं जब्त की गई हैं। अब उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश के सभी 75 जिलों में औषधि विभाग और एसटीएफ की विशेष जांच के आदेश दिए हैं। UP News :
अस्पतालों में मरीजों पर खुली लूट
जांच में पता चला कि उत्तर प्रदेश के अधिकांश अस्पतालों में भर्ती मरीजों को सही दवा तक नहीं मिल रही। प्राइवेट अस्पतालों में भी नकली दवाएं दी जा रही हैं और इसके लिए मरीजों से मोटी रकम वसूली जा रही है। एसटीएफ और औषधि विभाग की टीम ने दर्जनों जिलों से इनपुट मिलने के बाद मामले की गहन जांच शुरू की।
डमी फर्म और नकली दवाओं की मशीनरी
जांच में यह भी सामने आया कि ड्रग्स माफिया ने नामी कंपनियों के नाम से डमी फर्में बना रखी थीं, जिनके जरिए एक ही बैच की दवाओं को 1000 गुना तक नकली रूप में तैयार कर बाजार में बेच दिया गया। टीम ने अब तक 24 सैंपल और 15 डमी फर्म रिकॉर्ड किए हैं। औषधि विभाग की अतिरिक्त कमिश्नर रेखा एस. चौहान के मुताबिक, सिंडिकेट में कई नामी अस्पतालों के मेडिकल स्टोर भी शामिल पाए गए हैं। सभी जिलों में मेडिकल स्टोरों की लिस्ट तैयार कर सैंपल जांच के निर्देश दिए गए हैं। रिपोर्ट शासन को भी भेज दी गई है, और अब प्रदेश स्तर पर विशेष टीम इस पूरे मामले की निगरानी करेगी।
मरीजों की सुरक्षा सबसे बड़ा सवाल
आगरा जिला केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष आशु शर्मा ने कहा कि मरीजों से दवाओं के नाम पर मनमाना शुल्क वसूला जा रहा है। आगरा फार्मा एसोसिएशन के उपाध्यक्ष पुनीत कालरा ने भी कहा कि अस्पतालों के मेडिकल स्टोरों की नियमित जांच होना अनिवार्य है, क्योंकि ज्यादातर दवाएं वही प्रदान करते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इस जांच से न सिर्फ नकली दवाओं का नेटवर्क टूटेगा, बल्कि मरीजों की सुरक्षा और प्रदेश में चिकित्सा व्यवस्था की विश्वसनीयता भी बढ़ेगी। UP News :