यूपी के इन शहरों की सड़कों पर दौड़ेंगी ई-बसें, योगी कैबिनेट ने दिखाई हरी झंडी
भारत
चेतना मंच
27 Nov 2025 01:50 AM
उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने राजधानी लखनऊ और औद्योगिक नगरी कानपुर में सार्वजनिक परिवहन को पर्यावरण अनुकूल और आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में ई-बस सेवा शुरू करने के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई। UP News :
ई-बस परियोजना नेट कॉस्ट कॉन्ट्रैक्ट मॉडल पर चलेगी
नगर विकास मंत्री ए.के. शर्मा ने बताया कि ई-बस परियोजना नेट कॉस्ट कॉन्ट्रैक्ट (एनसीसी) मॉडल पर चलेगी। इसमें बसों की खरीद, संचालन और रखरखाव की पूरी जिम्मेदारी निजी आॅपरेटरों की होगी। सरकार वित्तीय सहायता नहीं देगी, लेकिन ई-चार्जिंग स्टेशन, परमिट और अन्य कानूनी सहयोग मुहैया कराएगी।
बसों की विशेषताएं
* प्रति ई-बस कीमत: लगभग 10 करोड़ रुपये
* लंबाई: 9 मीटर
* क्षमता: 28 सीट + 13 खड़े यात्री
* शुरुआत में प्रत्येक रूट पर 1 बस, बाद में संख्या बढ़ाकर 200 तक करने की योजना
* अनुबंध अवधि: 12 वर्ष
* किराया तय करने का अधिकार सरकार के पास रहेगा । वर्तमान में नगरीय परिवहन निदेशालय यूपी के 15 नगर निगमों में 743 ई-बसें चला रहा है, जिनमें से 700 बसें ग्रॉस कॉस्ट कॉन्ट्रैक्ट मोड पर संचालित हैं।
लखनऊ के तय रूट
* चारबाग से बाराबंकी
* चारबाग से देवा
* चारबाग से कुर्सी
* कमता से एयरपोर्ट
* बालागंज से मोहनलालगंज
* बालागंज से विराज खंड
* घंटाघर से माल थाना
* घंटाघर से संडीला
* स्कूटर इंडिया से इंजीनियरिंग कॉलेज
* दुबग्गा से गंगागंज
कानपुर के तय रूट
* घंटाघर से अकबरपुर
* कानपुर रेलवे स्टेशन से बिंदकी
* कानपुर रेलवे स्टेशन से बिठूर
* कानपुर रेलवे स्टेशन से घाटमपुर
* कानपुर रेलवे स्टेशन से आईआईटी
* घंटाघर से मूसानगर
* कानपुर सिटी सर्कुलर रोड
* रामा देवी से जहानाबाद
* फजलगंज से रूरा
* कानपुर रेलवे स्टेशन से उन्नाव
इन रूटों पर ई-बसों के संचालन से न केवल यात्रियों को बेहतर और आरामदायक सुविधा मिलेगी, बल्कि प्रदूषण पर भी काबू पाने में मदद मिलेगी। सरकार का दावा है कि यह पहल ग्रीन एनर्जी और शहरी विकास की दिशा में बड़ा बदलाव साबित होगी। UP News :