
UP News : उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश की जनता को नववर्ष का अच्छा गिफ्ट दिया है। उत्तर प्रदेश में प्रॉपर्टी की खरीद फरोख्त तथा कानूनी कामों के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले ई स्टांप (स्टांप पेपर) 1 जनवरी 2024 से डाकघर में मिलने शुरू हो जाएंगे। इस योजना को सबसे पहले उत्तर प्रदेश के 11 जिलों में शुरू किया जा रहा है। इन 11 जिलों में प्रयोग सफल होने के बाद पूरे प्रदेश में यह योजना शुरू कर दी जाएगी।
उत्तर प्रदेश सरकार के स्टांप व पंजीयन मंत्री रविंद्र जायसवाल ने यह जानकारी दी है। श्री जायसवाल ने बताया कि उत्तर प्रदेश में ई स्टांप वेंडर्स के द्वारा बेचे जाते हैं। इस व्यवस्था से वेंडर्स के कमिशन के रूप में अधिक बोझ पड़ता है। इतना ही नहीं ई स्टांप की कालाबाजारी का भी खतरा बना रहता है। इसी कारण पूरे उत्तर प्रदेश में ई स्टांप डाकघर द्वारा बेचने का फैसला किया गया है। इस फैसले के तहत उत्तर प्रदेश सरकार तथा भारत सरकार के डाक विभाग के बीच एक समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस समझौते के लागू होने पर पूरे उत्तर प्रदेश में ई स्टांप डाकघर के द्वारा बेचे जाएंगे।
आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश सरकार तथा डाक विभाग के बीच हुए समझौते के तहत इस योजना को सबसे पहले उत्तर प्रदेश के 11 जिलों में शुरू किया जा रहा है। जिन जिलों में 1 जनवरी से स्टांप डाक घरों में मिलेंगे, उत्तर प्रदेश के उन जिलों के नाम नोएडा (गौतमबुद्धनगर), लखनऊ, कानपुर, आगरा, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर, मेरठ, सहारनपुर तथा गाजियाबाद जिले शामिल किए गए हैं।
ई स्टांप की नई व्यवस्था की जानकारी देते हुए उत्तर प्रदेश के स्टांप तथा पंजीयन मंत्री रविंद्र जायसवाल ने स्टांप पेपर की छपाई बंद होने की भी चर्चा की। उन्होंने बताया कि ई स्टांप शुरू होने से पहले स्टांप पेपर को उत्तर प्रदेश सरकार छपवाती (मुद्रण) थी। स्टांप पेपर की छपाई पर उत्तर प्रदेश सरकार हर साल 1900 करोड़ रुपए खर्च करती थी। उत्तर प्रदेश में ई स्टांप की व्यवस्था शुरू होने से हर साल 1900 करोड़ रूपये बचने लगे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि ई स्टांप की बिक्री डाकघर में शुरू होने पर उत्तर प्रदेश के हर गांव, कस्बे तथा शहर में बड़ी आसानी के साथ ई स्टांप मिलना शुरू हो जाएगा।