भारत बंद में कर्मचारियों की हुंकार, LIC से लेकर पोस्ट ऑफिस तक कामकाज ठप
UP News
भारत
चेतना मंच
02 Dec 2025 02:51 AM
UP News : देशभर में केंद्रीय श्रमिक संगठनों द्वारा बुलाए गए ‘भारत बंद’ का असर बुधवार को उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में भी साफ नजर आया। विशेषकर बीमा, बैंक और डाक विभाग के कामकाज पर इसका व्यापक प्रभाव पड़ा। भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के कर्मचारियों ने बक्शीपुर स्थित शाखा और मंडल कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया, जिससे पूरे दिन कार्यालयों में कामकाज ठप रहा।
बीमा धारकों को लौटना पड़ा खाली हाथ
प्रदर्शन के चलते प्रीमियम जमा करने से लेकर अन्य कार्यों के लिए पहुंचे ग्राहकों को मायूस होकर वापस लौटना पड़ा। एलआईसी के एजेंट तारा शंकर श्रीवास्तव और दिनेश त्रिपाठी ने बताया कि कई बीमा धारकों की आखिरी तारीख थी, लेकिन कार्यालय बंद रहने से वे समय पर भुगतान नहीं कर सके। डाक विभाग के कर्मचारियों ने भी प्रधान डाकघर के बाहर प्रदर्शन करते हुए सरकार की नीतियों का विरोध किया। इस दौरान पोस्टमैन संवर्ग के कर्मचारी बड़ी संख्या में जुटे। वहीं बैंकों में आंशिक प्रभाव देखा गया, जहां पीएनबी की जुबिली स्कूल शाखा के बाहर बैंक कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया।
क्या हैं प्रदर्शन की मांगें?
गोरखपुर डिवीजन इंश्योरेंस इंप्लाइज यूनियन के महामंत्री रूपेश पांडेय ने बताया कि, बीमा क्षेत्र में 100% FDI का विरोध, पुरानी पेंशन योजना की बहाली जैसे मुद्दों को लेकर LIC और अन्य सार्वजनिक उपक्रमों के कर्मचारी सड़कों पर उतरे हैं। उन्होंने कहा कि, सरकार द्वारा पब्लिक सेक्टर के निजीकरण और आउटसोर्सिंग नीति को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
कर्मचारियों के भविष्य को किया जा रहा है नजरअंदाज
ऑल इंडिया बैंक इंप्लाई एसोसिएशन से संबद्ध यूपी बैंक इंप्लाई यूनियन के जिलाध्यक्ष आशुतोष कुमार सिंह ने बताया कि, उनका संगठन 10 सूत्रीय मांगों को लेकर इस भारत बंद में शामिल हुआ है। उनका कहना है कि, सरकार का फोकस निजीकरण पर है जबकि पब्लिक सेक्टर की सुरक्षा और कर्मचारियों के भविष्य को नजरअंदाज किया जा रहा है।
सरकारी नीतियों पर बढ़ता असंतोष
भारत बंद के जरिए कर्मचारियों ने यह संदेश देने की कोशिश की कि वे सरकारी नीतियों, खासकर विनिवेश, निजीकरण, एफडीआई और आउटसोर्सिंग के खिलाफ एकजुट हैं। गोरखपुर जैसे शहर में जहां बड़ी संख्या में लोग बीमा, बैंक और डाक सेवाओं पर निर्भर हैं, वहां इस बंद का असर आम जनता पर भी देखने को मिला। UP News