यूपी में 69000 शिक्षक भर्ती में ईडब्ल्यूएस को आरक्षण नहीं मिलेगा : हाईकोर्ट का बड़ा फैसला
UP News
भारत
चेतना मंच
02 Dec 2025 02:50 AM
UP News : उत्तर प्रदेश में सहायक अध्यापकों की 69,000 पदों पर भर्ती प्रक्रिया को लेकर लंबे समय से कई याचिकाएं दायर की गई थीं। इन याचिकाओं में मांग की गई थी कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के अभ्यर्थियों को भी आरक्षण का लाभ मिलना चाहिए, क्योंकि भर्ती प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही राज्य सरकार ने ईडब्ल्यूएस आरक्षण लागू कर दिया था।
हाईकोर्ट का फैसला
इलाहाबाद हाईकोर्ट की डबल बेंच (न्यायमूर्ति अश्विनी कुमार मिश्र और जस्टिस प्रवीण कुमार गिरी) ने यह साफ कहा है कि 69,000 शिक्षक भर्ती के विज्ञापन में ईडब्ल्यूएस आरक्षण का कोई उल्लेख नहीं था। चयन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, और बहुत से अभ्यर्थियों की नियुक्ति भी हो चुकी है। ऐसे में अब इस प्रक्रिया में ईडब्ल्यूएस आरक्षण को बाद में जोड़ना संविधान के अनुच्छेद 16 के खिलाफ होगा, जो समान अवसर की बात करता है।
याचिकाकर्ता ने क्या तर्क दिया?
याचिकाकर्ता शिवम पांडे और अन्य ने कहा कि भर्ती का विज्ञापन 17 मई 2020 को जारी हुआ था। राज्य सरकार 2019 में ही एहर आरक्षण लागू कर चुकी थी। इसलिए भर्ती में ईडब्ल्यूएस कोटा शामिल किया जाना चाहिए था। लेकिन कोर्ट ने कहा कि जब विज्ञापन में ही कोई आरक्षण का उल्लेख नहीं किया गया, तो बाद में उसे लागू करना न्यायसंगत नहीं होगा। इससे पहले सिंगल बेंच भी ईडब्ल्यूएस आरक्षण की मांग खारिज कर चुकी थी। अब डबल बेंच ने भी उसी निर्णय को दोहराते हुए ईडब्ल्यूएस आरक्षण की मांग को अंतिम रूप से खारिज कर दिया।
इस फैसले पर प्रतिक्रियाएं
अमरेंद्र पटेल, जो दलित-पिछड़ा वर्ग के उम्मीदवारों के आंदोलन का नेतृत्व कर रहे हैं, ने कोर्ट के फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यह भर्ती प्रक्रिया ईडब्ल्यूएस आरक्षण लागू होने से पहले शुरू हुई थी, इसलिए इस पर नई नीति लागू नहीं की जा सकती। ईडब्ल्यूएस वर्ग को इस भर्ती में आरक्षण नहीं मिलेगा। यह भर्ती पुराने नियमों के तहत पूरी हो चुकी है। कोर्ट ने यह साफ कर दिया है कि भर्ती प्रक्रिया के बीच में नीति बदलाव लागू नहीं किया जा सकता। UP News