उत्तर प्रदेश में घूम रहे हैं फर्जी "गुरू", जांच हुई शुरू
UP News
उत्तर प्रदेश
RP Raghuvanshi
30 Nov 2025 07:05 PM
UP News : कहते हैं कि शिक्षक अथवा अध्यापक गुरू होता है। जब कोई गुरू ही फर्जी निकले तो शिक्षा का क्या होगा? यही सवाल उत्तर प्रदेश में बड़ा सवाल बन गया है। देश के सबसे बड़े प्रदेश उत्तर प्रदेश में अनेक फर्जी "गुरू" घूम रहे हैं। जी हां उत्तर प्रदेश के शिक्षा विभाग को सूचना मिली है कि फर्जी चयन सूची तथा फर्जी प्रतीक्षा सूची के आधार पर उत्तर प्रदेश में कुछ फर्जी शिक्षक अलग-अलग जिलों में तैनाती कराने के जुगाड़ में घूम रहे हैं। उत्तर प्रदेश के माध्यमिक शिक्षा निदेशक सुरेन्द्र तिवारी ने शिक्षकों की फर्जी तैनाती की व्यापक स्तर पर जांच शुरू कर दी है।
UP News
उत्तर प्रदेश के शिक्षा विभाग ने जारी किया फरमान
उत्तर प्रदेश के शिक्षा विभाग में उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा निदेशालय के अपर निदेशक सुरेन्द्र तिवारी ने कए आदेश जारी किया है। श्री तिवारी ने बताया कि प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी) एवं प्रवक्ता संवर्ग (पीजीटी) भर्ती- 2021 की प्रतीक्षा सूची के आधार पर फर्जी चयन सूची से कानपुर में शिक्षकों को कार्यभार ग्रहण कराने के मामले में शिक्षा निदेशालयं ने बड़ा निर्णय लिया है। इसमें 2016 एवं 2021 की टीजीटी-पीजीटी भर्ती की प्रतीक्षा सूची से निदेशालय से विद्यालय आवंटन अथवा, उसके अतिरिक्त प्राप्त अन्य पैनल से विद्यालय आवंटन का विभागीय वेबसाइट पर उपलब्ध सूची से मिलान कराया जाएगा। इससे प्रदेश भर में फर्जी चयन सूची से कार्यभार ग्रहण करने वाले शिक्षक पकड़ में आएंगे। अपर शिक्षा निदेशक सुरेन्द्र तिवारी की ओर से यह आदेश जिला जिला विद्यालय निरीक्षक प्रथम एवं द्वितीय को दिए गए।
पकड़ा गया फर्जीवाड़ा
उत्तर प्रदेश के अपर शिक्षा निदेशक (एडी) माध्यमिक की फर्जी ई-मेल आइडी से टीजीटी-पीजीटी-2021 की भर्ती की प्रतीक्षा सूची के नाम पर जालसाजों ने नौ लोगों की फर्जी चयन सूची तैयार कर जिला विद्यालय निरीक्षक कानपुर को भेज दी। सूची मिलने पर विभागीय वेबसाइट पर उपलब्ध अवशेष पैनल की चयन सूची/विद्यालय आवंटन सूची से सत्यापन करे बिना कानपुर के तत्कालीन डीआइओएस प्रथम एवं द्वितीय ने नियुक्ति प्रक्रिया शुरू कर दी। दो शिक्षकों ने कार्यभार भी ग्रहण कर लिया। ऐसे में निदेशालय को यह आशंक है कि वर्ष-2016 एवं 2021 की भर्ती की प्रतीक्षा सूची से विद्यालय आवंटन आदेश के अतिरिक्त भी कुछ जिलों में कूटरचित पैनल/विद्यालय आवंटन के आदेश के आधार पर फर्जी लोगों को नियुक्ति देने का कुत्सित प्रयास किया गया हो। इस कारण निदेशालय चयनितों के कार्यभार ग्रहण न करने से रिक्त सीटों पर चयन बोर्ड की 2016 एवं 2021 की भर्ती की प्रतीक्षा सूची से मेरिट क्रम में किए गए विद्यालय आवंटन का सत्यापन करा रहा है। निदेशालय ने इसकी सूची विभागीय वेबसाइट पर इस निर्देश के साथ अपलोड कराई थी कि चयनितों को कार्यभार ग्रहण कराने की प्रक्रिया के पूर्व संबंधित डीआइओएस सत्यापन कर लें।
UP News
ग्रेटर नोएडा– नोएडाकी खबरों से अपडेट रहने के लिए चेतना मंच से जुड़े रहें।देश-दुनिया की लेटेस्ट खबरों से अपडेट रहने के लिए हमें फेसबुकपर लाइक करें या ट्विटरपर फॉलो करें।