उत्तर प्रदेश की महिला IAS अफसर ने कर दिया कमाल, लोग बोले वाह ...
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भारत
चेतना मंच
01 May 2024 11:24 PM
UP News : उत्तर प्रदेश सरकार में तैनात उत्तर प्रदेश कैडर की एक महिला IAS. अधिकारी ने कमाल का काम किया है। उत्तर प्रदेश ही नहीं देश भर में इस महिला IAS अफसर की खूब तारीफ हो रही है। जिस किसी को उत्तर प्रदेश की इस महिला IAS अफसर के काम की जानकारी मिल रही है वही बोल रहा है कि वाह-वाह कमाल कर दिया।
उत्तर प्रदेश की महिला IAS ने किया रामायण का अनुवाद
उत्तर प्रदेश के टैक्स विभाग (UPGST) में तैनात महिला IAS अधिकारी मिनिस्ती एस अचानक चर्चा में है। इस चर्चा का कारण बेहद सकारात्मक कारण है। दरअसल उत्तर प्रदेश की इस महिला IAS अधिकारी ने श्रीरामचरित मानस को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाने के लिए खास पहल की है। 2003 बैच की उत्तर प्रदेश की आईएएस अधिकारी और वर्तमान में उत्तर प्रदेश राज्य कर आयुक्त मिनिस्ती एस ने रामायण का अंग्रेजी में अनुवाद कराया है। यूं तो रामचरित मानस में सात सोपान हैं लेकिन मिनिस्ती एस ने अभी फिलहाल चार सोपान का अंग्रेज़ी अनुवाद कराया है, जिसमें लंका कांड, सुंदरकांड, अरण्यकांड और किष्किंधा कांड का ही अंग्रेजी अनुवाद अभी तक हुआ है।
रामाया का अंग्रेजी में अनुवाद लोगों को इतना पसंद आ रहा है कि बाजार में इन किताबों की संख्या कम हो गई है, इसलिए दोबारा प्रिंटिंग के लिए मिनिस्ती एस ने इसका ऑर्डर भी दे दिया है।
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उत्तर प्रदेश कस कर आयुक्त मिनिस्ती एस ने बताया कि वह केरल की रहने वाली हैं। मातृभाषा उनकी मलयालम रही है। उनकी पढ़ाई भी मलयालम भाषा में ही हुई है। केरल में अध्यात्म रामायण का बहुत अधिक महत्व है। बचपन से ही उन्होंने भी इसे पढ़ा है और उनकी पढ़ाई का भी यह हिस्सा रही है। मिनिस्ती एस ने बताया कि जब इन्होंने देखा कि उनकी मां अवधी में रामायण को ठीक से समझ नहीं पा रही हैं तो ऐसे में इन्होंने सोचा कि जब उनकी मां को अवधी में दिक्कत आ रही है तो इसी तरह भारत देश की अलग-अलग भाषाओं को समझने वाले लोगों को भी अवधी समझने में दिक्कत होती होगी इसीलिए उनको यहीं से प्रेरणा मिली और उन्होंने अंग्रेजी में इसका अनुवाद कराया।
हनुमान भक्त हैं मिनिस्ती एस
उत्तर प्रदेश सरकार में बड़े पद पर तैैनात IASअधिकारी मिनिस्ती एस भगवान हनुमान जी की बहुत बड़ी भक्त हैं। मिनिस्ती एस ने बताया कि वह हनुमान भक्त हैं, इसीलिए उन्होंने सबसे पहले सुंदरकांड का अंग्रेज़ी अनुवाद किया. 2016 में इसका अनुवाद शुरू कराया था. 2017 में बुक पब्लिश हो गई थी. 50 दिन में किताब का काम पूरा हुआ था। फिर दो साल बाद इन्होंने किष्किंधा कांड के बाद कोविड-19 में अरण्यकाण्ड और अभी 2 महीने पहले लंका काण्ड का अंग्रेज़ी अनुवाद कराया है और अब बालकांड पर काम कर रही है. बालकांड को दो भागों में अनुवाद के जरिए पेश किया जाएगा. वह कहती हैं कि यूं तो इन्हें शुरुआत बालकांड से करनी थी लेकिन जैसा भगवान से चाहा वैसे वैसे अलग अलग भागों का अनुवाद होता गया। उत्तर प्रदेश हो या देश का सुदूर केरल प्रदेश हर जगह मिनिस्ती एस के काम की तारीफ हो रही है। हर कोई कह रहा है कि वाह कमाल कर दिया।
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