लखनऊ से ब्रह्मोस की पहली खेप होगी लॉन्च, रक्षा उद्योग में उत्तर प्रदेश का बड़ा कदम
उत्तर प्रदेश
RP Raghuvanshi
15 Oct 2025 05:14 PM
18 अक्टूबर भारतीय रक्षा उद्योग के लिए ऐतिहासिक दिन साबित होने जा रहा है। इस दिन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ के भटगांव स्थित ब्रह्मोस संयंत्र से ब्राह्मोस मिसाइल की पहली खेप का औपचारिक उद्घाटन करेंगे। लखनऊ इकाई से सालाना 150 मिसाइलों का उत्पादन करने का लक्ष्य रखा गया है। यह संयंत्र भारत-रूस संयुक्त रक्षा उपक्रम के तहत सरोजनी नगर तहसील में स्थापित किया गया है और इसे उत्तर प्रदेश के रक्षा औद्योगिक गलियारे की परियोजना का पहला बड़ा प्रदर्शन माना जा रहा है। इस परियोजना के तहत लखनऊ, कानपुर, अलीगढ़, आगरा, चित्रकूट और झांसी में छह नोड विकसित किए जा रहे हैं। UP News :
औद्योगिक निवेश और विकास
प्रदेश में रक्षा औद्योगिक गलियारों के लिए अब तक कुल 28,809 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। 47 कंपनियों को भूमि आवंटित की जा चुकी है, जिनमें अडाणी डिफेंस सिस्टम समेत सात प्रमुख औद्योगिक इकाइयों ने कानपुर, अलीगढ़ और लखनऊ में निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। लखनऊ की ब्रह्मोस इकाई का उद्घाटन रक्षा मंत्री ने 11 मई 2025 को किया था। 80 एकड़ क्षेत्र में लगभग 300 करोड़ के निवेश से तैयार इस संयंत्र का लक्ष्य है कि प्रारंभिक चरण में 80-100 मिसाइलें प्रति वर्ष निर्मित हों, और बाद में इसे 150 मिसाइल प्रति वर्ष तक बढ़ाया जाए। संयंत्र के पास ही डीआरडीओ द्वारा रणनीतिक सामग्री प्रौद्योगिकी परिसर की स्थापना भी चल रही है, जो आपूर्ति श्रृंखला और रणनीतिक सामग्री की उपलब्धता को मजबूत करेगा। इसका शिलान्यास 26 दिसंबर 2021 को किया गया था और अब लगभग तीन साल में उत्पादन का चरण शुरू होने जा रहा है।
ब्राह्मोस मिसाइल की विशेषताएँ
ब्राह्मोस मिसाइलें ध्वनि की गति से लगभग तीन गुना तेज होकर 290 से 400 किलोमीटर तक लक्ष्य साध सकती हैं। इन्हें जमीन, हवा और समुद्र तीनों माध्यमों से लॉन्च किया जा सकता है और यह फायर-एंड-फॉरगेट तकनीक पर काम करती हैं। इस परियोजना में डीआरडीओ और रूस की एनपीओ एम की साझेदारी है। भारत की हिस्सेदारी 50.5% और रूस की 49.5% है। अधिकारियों के अनुसार, अगले वर्ष लखनऊ में ब्रह्मोस की नई पीढ़ी का उत्पादन शुरू होगा, जिसमें मिसाइल का वजन 2,900 किलोग्राम से घटाकर 1,290 किलोग्राम किया जाएगा। इससे एक लड़ाकू विमान पर तीन मिसाइलें इंस्टॉल की जा सकेंगी।
कार्यक्रम और महत्व
18 अक्टूबर के कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, मंत्री ब्रजेश पाठक सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहेंगे। लखनऊ से बनने वाली पहली खेप का प्रदर्शन न केवल क्षेत्रीय बल्कि राष्ट्रीय रक्षा-निर्माण में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है। इससे न सिर्फ प्रदेश में रक्षा उद्योग को मजबूती मिलेगी बल्कि भारत की स्ट्रेटेजिक ताकत भी बढ़ेगी। पाकिस्तान जैसे देश पूरी तरह से इसके जद में आ जाएंगे और उसे कभी भी भारी नुकसान पहुंचाया जा सकता है। UP News :यूपी में बंपर भर्ती! चौकीदार से सचिव तक भरे जाएंगे 15 हजार पद, जानें पूरा विवरण