यूपी के प्रयागराज में गंगा-यमुना का चौथा उफान : नावों पर रोक, हजारों घरों में घुसा पानी
भारत
चेतना मंच
01 Dec 2025 01:42 PM
यूपी का प्रयागराज संगम नगरी इस समय गंभीर बाढ़ संकट से जूझ रही है। यूपी के इस जिले में गंगा और यमुना का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और इस साल यह चौथा मौका है जब दोनों नदियों ने मिलकर अपना रौद्र रूप दिखाया है। इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है कि यूपी की इस संगम नगरी में एक ही वर्ष में चार बार गंगा का पानी लेटे हुए हनुमान मंदिर तक पहुंचा और उनका अभिषेक हुआ। इससे जहां श्रद्धालु इसे आस्था से जोड़ रहे हैं, वहीं प्रशासन के लिए हालात चिंता का विषय बने हुए हैं। UP News :
प्रशासन ने लगाई नावों पर रोक
बाढ़ के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने संगम क्षेत्र में चप्पू वाली नावों के संचालन पर पूरी तरह रोक लगा दी है। जल पुलिस को अलर्ट कर दिया गया है और निर्देश दिए गए हैं कि संगम क्षेत्र में कोई नाव नहीं जाएगी। केवल रामघाट के पास सीमित तौर पर स्नानार्थियों को नाव से जाने की अनुमति है।
नाविकों पर टूटा आर्थिक संकट
नाविकों की आजीविका पर गहरा असर पड़ा है। चौथी बार बाढ़ आने से नाविकों का पूरा मासिक बजट बिगड़ गया है। स्नानार्थी अब सड़क किनारे गंगा के जल में डुबकी लगाकर लौट रहे हैं, जिससे नावों का उपयोग लगभग ठप हो गया है। नाविक समुदाय अब मां गंगा और यमुना से प्रार्थना कर रहा है कि जलस्तर जल्द घटे, ताकि उनका रोजगार फिर से पटरी पर लौट सके।
दो दर्जन गांवों का टूटा संपर्क
बाढ़ का असर सिर्फ शहर तक सीमित नहीं है। झूंसी क्षेत्र के बदरा-सोनौटी से होकर कछारी इलाकों को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग तीसरी बार तीन दिन से पानी में डूबा हुआ है। करीब दो दर्जन गांवों का संपर्क टूटा हुआ है। गंगा किनारे बसे मठ, मंदिर, आश्रम और श्मशान घाट भी जलमग्न हो चुके हैं। कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई है, जिससे आम लोगों की परेशानियां और बढ़ गई हैं। प्रयागराज में गंगा-यमुना का यह चौथा उफान जहां धार्मिक आस्था से जुड़ा है, वहीं हजारों परिवारों और नाविकों की जिंदगी में भारी संकट भी खड़ा कर रहा है। UP News