यूपी में सड़क निर्माण के नाम पर 6 करोड़ की धोखाधड़ी, जेई निलंबित
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भारत
चेतना मंच
29 Nov 2025 11:53 PM
UP News : उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों द्वारा एक नई बनी सड़क की मरम्मत के नाम पर 6 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। इस मामले में जूनियर इंजीनियर (जेई) राम गणेश पासवान को निलंबित कर दिया गया है, जबकि सहायक अभियंता (एई) सुधीर कुमार और अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) अनिल जाटव के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजी गई है।
घोटाले का विवरण
वर्ष 2015 में कप्तानगंज से रुद्रपुर तक 50 किलोमीटर की सड़क के निर्माण के लिए निविदा निकाली गई थी, जिसमें गौरी बाजार से रुद्रपुर तक की सड़क का निर्माण जय शक्ति कंस्ट्रक्शन कंपनी को सौंपा गया था। एशियन डेवलपमेंट बैंक ने इस परियोजना के लिए 38.64 करोड़ रुपये की राशि जारी की थी, जिससे वर्ष 2022 में सड़क का निर्माण पूरा हो गया था। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद 6 करोड़ रुपये शेष बचे थे, जिसे सरकार को वापस भेज दिया गया था।
बंटवारे के विवाद के कारण हुआ घोटाले का पर्दाफाश
हालांकि, बीते वित्तीय वर्ष के मार्च महीने में, जब विभागों पर बजट खर्च करने का दबाव रहता है, देवरिया के लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने मिलीभगत करके उसी सड़क की मरम्मत के लिए 6.8 करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा। हैरानी की बात यह है कि लोक निर्माण मुख्यालय के अधिकारियों ने बिना जांच के ही इस राशि को जारी करने की स्वीकृति दे दी, और राशि भी जारी कर दी गई। इसके बाद, इस राशि के बंटवारे को लेकर जेई, एई, एक्सईएन और संबंधित बाबुओं के बीच विवाद शुरू हो गया, जिससे इस घोटाले का पदार्फाश हो गया। UP News
मुख्य सचिव ने मामले की जांच कराई
मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने मामले की जांच कराई और प्रमुख सचिव को कार्रवाई के निर्देश दिए, जिसके बाद जेई को निलंबित कर दिया गया है और एई तथा एक्सईएन के खिलाफ कार्रवाई के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय को फाइल भेजी गई है। मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह के निर्देश पर मामले की जांच की गई, जिसके आधार पर जेई राम गणेश पासवान को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। एई सुधीर कुमार और एक्सईएन अनिल जाटव के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजी गई है, और जल्द ही उन्हें भी निलंबित किया जा सकता है। इसके अलावा, इस मामले में शामिल अन्य अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। यह मामला उत्तर प्रदेश में सरकारी धन के दुरुपयोग और भ्रष्टाचार की गंभीरता को उजागर करता है। सरकार द्वारा इस पर सख्त कार्रवाई की जा रही है, और दोषी अधिकारियों को दंडित किया जा रहा है। UP News