गाजियाबाद मास्टर प्लान 2031 : रोजगार, इंफ्रास्ट्रक्चर और रियल एस्टेट का संगम
भारत
चेतना मंच
28 Aug 2025 07:21 PM
यूपी का गाजियाबाद तेजी से बदलते शहरी नक्शे का गवाह बनने जा रहा है। यूपी में इस शहर का मास्टर प्लान-2031 को नई मंजूरी मिल चुकी है और इसके साथ ही शहर में विकास की रफ्तार को पंख लगने वाले हैं। यूपी के इस शहर के इस प्लान को 66 लाख की अनुमानित आबादी को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। जिसमें निवेश, इंफ्रास्ट्रक्चर और रियल एस्टेट सेक्टर को नई दिशा देने की रणनीति तय की गई है। UP News :
कनेक्टिविटी और टीओडी नीति
नमो भारत ट्रेन और मेट्रो कॉरिडोर के आसपास ट्रांजिट ओरिएंटेड डवलपमेंट (टीओडी) नीति लागू की गई है। इसके तहत इन इलाकों में सस्ती आवासीय योजनाएं, व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स, और मनोरंजन सुविधाएं विकसित होंगी। एफएआर (फ्लोर एरिया रेशियो) को 1.5 से बढ़ाकर 5.0 किया गया है, जिससे गगनचुंबी इमारतें और मिक्स्ड-यूज प्रोजेक्ट्स का रास्ता साफ होगा।
औद्योगिक और लॉजिस्टिक हब
मास्टर प्लान में 4200 हेक्टेयर भूमि पर विकास की योजना है। शहर में दो ट्रांसपोर्ट नगर, दो लॉजिस्टिक पार्क, चार ट्रक पार्किंग जोन और दो औद्योगिक क्षेत्र स्थापित किए जाएंगे। इससे न केवल लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग सेक्टर को मजबूती मिलेगी, बल्कि हजारों युवाओं को रोजगार भी मिलेगा।
रियल एस्टेट को नई उड़ान
गाजियाबाद निवेश और रियल एस्टेट का बड़ा हब बनने की ओर बढ़ रहा है। नए बिल्डिंग बायलाज के तहत अब 24 मीटर रोड से लगे भूखंडों पर नीचे दुकान और ऊपर आवासीय भवन बनाने की अनुमति होगी। इससे रियल एस्टेट सेक्टर को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा और शहरी ढांचे को नया स्वरूप मिलेगा।
जीवन स्तर में सुधार
यह मास्टर प्लान केवल इमारतों और सड़कों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह गाजियाबाद के लोगों की जीवनशैली में बड़ा बदलाव लाने वाला रोडमैप है। बेहतर यातायात, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, रोजगार के नए अवसर और सुव्यवस्थित शहरीकरण से शहर भविष्य के निवेश के लिए और अधिक आकर्षक बनेगा। साफ है कि गाजियाबाद आने वाले वर्षों में दिल्ली-एनसीआर का सबसे बड़ा रियल एस्टेट और औद्योगिक गढ़ बनने की ओर बढ़ रहा है। UP News