दौड़ती ट्रेन से गिरी बच्ची: मथुरा में हुए चमत्कार ने सबको चौंका दिया
UP News
उत्तर प्रदेश
RP Raghuvanshi
01 Dec 2025 04:20 AM
UP News: उत्तर प्रदेश के मथुरा से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। जहां 8 साल की बच्ची चलती ट्रेन से नीचे गिर गई. एक आठ साल की बच्ची, जिसका नाम गौरी है, अपने माता-पिता के साथ मध्य प्रदेश से उत्तर प्रदेश (मथुरा) आ रही थी। वह गीता जयंती एक्सप्रेस ट्रेन में यात्रा कर रही थी और इमरजेंसी विंडो के पास बैठी हुई थी। ट्रेन की गति लगभग 100 किलोमीटर प्रति घंटे थी। तभी अचानक, गौरी ने खिड़की से बाहर झांकते हुए संतुलन खो दिया और वह गिर गई। गौरी का परिवार वृंदावन में रंगनाथ मंदिर के पास रहता है। वे नवरात्रि मनाने के लिए मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ स्थित अपने पैतृक गांव गए थे। वहां उन्होंने अष्टमी की पूजा की और फिर गीता जयंती एक्सप्रेस ट्रेन से मथुरा लौट रहे थे। यह हादसा ललितपुर रेलवे स्टेशन से 7-8 किलोमीटर दूर हुआ, जहां गौरी ने अपनी जान गंवाने के खतरे का सामना किया। UP News
जब ट्रेन करीब 10-15 किलोमीटर आगे बढ़ गई, तभी गौरी के पिता, अरविंद तिवारी, ने देखा कि उनकी बेटी सीट पर नहीं है। यह देखकर उनकी चिंता बढ़ गई। उन्होंने तुरंत अपनी पत्नी, अंजली, से इस बारे में बात की। परिवार ने जल्दी से ट्रेन को रुकवाने का निर्णय लिया। यह घटना रात के समय हुई, और ट्रेन को जंगल में रोक दिया गया ताकि गौरी को खोजा जा सके।
बच्ची की किस्मत अच्छी थी
ट्रेन रुकने के बाद, यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों ने मिलकर बच्ची की तलाश शुरू की। लगभग एक घंटे की खोज के बाद, गौरी को झाड़ियों में घायल अवस्था में पाया गया। यह एक चमत्कार ही था कि उसकी जान बच गई, हालांकि उसके एक पैर में गंभीर चोट आई थी। इस तरह की घटनाओं में अक्सर गंभीर परिणाम हो सकते हैं, लेकिन इस बार गौरी की किस्मत अच्छी थी। UP News
बच्ची का इलाज
बच्ची को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका इलाज किया गया। डॉक्टरों ने उसकी चोट का सही ट्रीटमेंट किया और सुनिश्चित किया कि उसे पूरी देखभाल मिले। रविवार की शाम को, गौरी को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई और उसके माता-पिता ने राहत की सांस ली कि उनकी बेटी सुरक्षित घर लौट आई।
सुरक्षा के सवाल
इस घटना ने ट्रेन यात्रा में सुरक्षा के उपायों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। रेलवे विभाग को इस बात पर ध्यान देने की जरूरत है कि ऐसी घटनाएं फिर से न हों। यात्रियों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है, खासकर बच्चों के लिए जो अपनी जिज्ञासा के कारण ऐसे जोखिम में पड़ सकते हैं।