
UP News / लखनऊ: उत्तर प्रदेश में सारस पर सियासत तेज हो गई है। एक ओर जहाँ सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव इस मामले पर योगी सरकार को घेरने का काम कर रहे हैं। वहीँ सारस के प्रति दिखाए जा रहे प्रेम पर विपक्ष हमलावर हो गया है। AIMIM प्रवक्ता असीम वकार ने सोमवार को एक बयान जारी किया है। इसमें उन्होंने कहा कि अगर इतनी मोहब्बत अखिलेश ने सपा नेता अंजाम खान के लिए दिखाई होती तो आज उनके परिवार की ये दुर्दशा न हुई होती। 10 फीसदी सांत्वना आजम और उनके बेटे अब्दुल्लाह आजम को लेकर दिखाई होती तो उनकी सदस्यता रद्द न होती।
असीम वकार ने कहा कि 45 दिनों में अखिलेश यदव ने करीब 25 से 30 पोस्ट सारस की रिहाई को लेकर किये हैं। फेसबुक और ट्विटर में पोस्ट करके उन्होंने सरकार पर दबाव बनाया लेकिन अफसोस इस बात का है सारस से जितनी मोहब्बत अखिलेश यादव को हो गई है अगर इतनी मोहब्बत आजम खान से दिखाई होती है तो आज आजम खान और उनके परिवार की जो दुर्दशा हुई है उसपर अखिलेश ने अफ़सोस नहीं जताया। अगर उन्होंने 10 फीसदी भी पोस्ट कर दिया होता तो आजम खान और उनके बेटे की विधानसभा की सदस्यता न गई होती।
AIMIM प्रवक्ता ने कहा कि अफसोस देखिए अखिलेश यादव ट्वीट करते हुए लिख रहे हैं कि "हुक्मरानों से है, परिंदों का बस यही कहना आज़ाद कर दो, हमको पिंजरों में नहीं रहना" वहीं जैसे ही सारस को चिड़ियाघर कैद में लेकर गए। वैसे ही अखिलेश यादव सारस से मिलने पहुंच गए और आजम खान से जेल में मिलने के लिए 2 साल लग गए। वकार ने तंज कसते हुए कहा कि कहीं एक दिन ऐसा ना हो कि सारस के प्रति जितनी मोहब्बत दिखाई जा रही है। योगी आदित्यनाथ 11 सारस, 11 मुर्गियां और 11 बतख अखिलेश यादव को न गिफ्ट कर दें।
बता दें कि बीते दिनों अखिलेश ने अमेठी निवासी आरिफ से सारस छीने जाने का विरोध किया था। सपा अध्यक्ष ने ट्वीट करते हुए लिखा कि उत्तर प्रदेश वन विभाग द्वारा अमेठी से जबरदस्ती ले जाकर रायबरेली के समसपुर पक्षी विहार में छोगा गया। अब यह गायब है। राज्य पक्षी के प्रति ऐसी लापरवाही गंभीर विषय है। भाजपा तत्काल सारस खोजे नहीं तो पूरी दूनिया के पक्षी प्रेमी आंदोलन करेंगे। मुख्यमंत्री चाहें तो लापता सारस का कोई नामकरण कर दें। लेकिन उसे ढूढकर उसकी जान जरूर बचाएं। वो सारस भी पूरे उत्तर प्रदेश को वैसे ही प्रिय है, जैसे मुख्यमंत्री को गोलू।