
UP News : उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने 'हलाल सर्टिफिकेट' (Halal Certified Products) की आड़ में कारोबार करने वाले लोगों पर शिकंजा कसा है। यूपी की योगी सरकार ने 'हलाल सर्टिफाइड' सभी उत्पादों पर बैन लगा दिया है, लेकिन निर्यात होने वाले उत्पादों को प्रतिबंध के दायरे से बाहर रखा है। अपर आयुक्त एवं मुख्य सचिव, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) अनीता सिंह की ओर से इस बाबत अधिसूचना जारी कर दी गई है।
आपको बता दें कि शनिवार को हलाल सर्टिफिकेशन देकर उत्पाद बेचने वाली कंपनियों पर लखनऊ की हजरतगंज कोतवाली में एफआईआर दर्ज की गई थी। हलाल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड चेन्नई, जमीयत उलेमा हिंद हलाल ट्रस्ट दिल्ली, हलाल काउंसिल आफ इंडिया मुंबई और जमीयत उलेमा महाराष्ट्र मुंबई हलाल सर्टिफिकेशन देकर सामान बेचने वाली अज्ञात कंपनियों के खिलाफ आईपीसी की धाराओं 120बी/ 153ए/ 298, 384, 420, 467, 468, 471, 505 में केस दर्ज किया गया है।
यूपी सरकार ने एक बयान में कहा कि उत्तर प्रदेश के भीतर हलाल प्रमाणित दवाओं, चिकित्सा उपकरणों, खाद्य सामग्रियों और सौंदर्य प्रसाधनों के उत्पादन, भंडारण, वितरण, खरीद और बिक्री में लगे किसी व्यक्ति या फर्म के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। हलाल प्रमाणीकरण एक समानांतर प्रणाली के रूप में काम कर रहा है और यह खाद्य गुणवत्ता के संबंध में भ्रम पैदा करता है, इस संबंध में सरकारी नियमों का उल्लंघन करता है।' एफएसडीए आयुक्त अनीता सिंह ने कहा कि राज्य सरकार ने तत्काल प्रभाव से राज्य में हलाल प्रमाणित उत्पादों के उत्पादन, भंडारण, वितरण और बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया है। केवल निर्यात उत्पादों को इस प्रतिबंध से छूट दी जाएगी।
खाद्य आयुक्त नीता सिंह ने कहा कि पहले, हलाल प्रमाणीकरण केवल मांस उत्पादों तक ही सीमित था। लेकिन अब तेल, चीनी, टूथपेस्ट और मसालों जैसे सभी प्रकार के उत्पादों को हलाल प्रमाणपत्र जारी किया जा रहा है। राज्य सरकार ने बताया कि भारत में खाद्य उत्पादों के प्रमाणीकरण से संबंधित सभी अधिनियमों को खत्म किया जा चुका है और इसके लिए फूड सेफ्टी स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) को एकमात्र आधिकारिक निकाय के रूप में मान्यता दी गई है। एफएसएसएआई को छोड़कर, अन्य कोई भी एजेंसी या निकाय उत्पादों को प्रमाणपत्र जारी नहीं कर सकता है।
आपको बता दें कि हलाल और हराम अरबी के दो शब्द हैं। इस्लाम में हलाल का मतलब होता है कि जो इस्लामी धर्म शास्त्र के अनुसार उचित हो अथवा उसके द्वारा अनुमोदित हो, शरीअत के अनुकूल जिसका ग्रहण या भोग उचित हो, जो शरअ या मुसलमानी धर्म पुस्तक के अनुकूल हो, जो हराम न हो, जिस पर प्रतिबंध न हो, वैध हो। इसी तरह हराम का मतलब होता है कि जो इस्लाम धर्म शास्त्र में वर्जित या त्याज्य हो। निषिद्ध, बुरा, दूषित, बहुत ही अप्रिय और कटु, अधर्म, पाप।
इस्लामी धर्म शास्त्र में जिन चीजों को हराम बताया गया है उसे करने की मनाही होती है। वहीं जिन बातों को हलाल बताया गया है उन्हें करने की इजाजत होती है। इस्लामी मान्यताओं के अनुसार हलाल खाने-पीने की चीजों की निर्माण प्रक्रिया और जानवरों के वध पर लागू होता है। हलाल सर्टिफाइड का मतलब है कि किसी अमुक उत्पाद को इस्लामी मान्यताओं के अनुरूप तैयार किया गया है। कई कंपनियां अपने उत्पादों पर 'हलाल सर्टिफाइड' का स्टैम्प लगाती हैं।