यूपी के इस जिले के 12 गांवों की किस्मत बदलेगी! हाईवे देगा हरियाणा-राजस्थान तक सीधी कनेक्टिविटी
भारत
चेतना मंच
01 Dec 2025 12:17 PM
यूपी के बदायूं के किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी है। यूपी में बरेली-मथुरा हाईवे के निर्माण की प्रक्रिया तेज हो गई है और इसके लिए जिले के 12 गांवों की जमीन अधिग्रहित की जाएगी। मुआवजे के तौर पर किसानों को करीब 60 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। यूपी में इस नई सड़क का ये प्रोजेक्ट न सिर्फ स्थानीय अर्थव्यवस्था में जान फूंकेगा, बल्कि बदायूं से लेकर राजस्थान-हरियाणा तक सफर को आसान बना देगा। यूपी के इस हाईवे के माध्यम से हरियाणा-राजस्थान तक सीधी कनेक्टिविटी हो जाएगी। UP News :
चार पैकेज में बन रहा है हाईवे
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की देखरेख में मथुरा से हाथरस, एटा, कासगंज, बदायूं होते हुए बरेली तक 6 लेन का हाईवे बनाया जा रहा है। पूरा प्रोजेक्ट चार पैकेज में बंटा है। इनमें से चौथा पैकेज बरेली-बदायूं के बीच 37 किलोमीटर लंबा हिस्सा होगा। इस हिस्से के निर्माण का ठेका हरियाणा की धारीवाल बिल्डटेक लिमिटेड को दिया गया है।
अक्टूबर से शुरू होगा काम
अक्टूबर 2025 से हाईवे का निर्माण शुरू होने की तैयारी है। इस खंड पर लगभग 600 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके लिए बदायूं के जिन गांवों की जमीन खरीदी जाएगी, उनमें चंदनगर, करतौली, कुतुबपुरथरा, वाकरपुर खंडहर, रहमा, डुमैरा, उझैली, रसूलपुर, ढकिया, मलिकपुर, मलगांव, घटपुरी और बिनावर शामिल हैं। कुल 33.431 हेक्टेयर जमीन पर काम होगा और किसानों को जमीन के बदले मुआवजा दिया जाएगा।
आधे समय में तय होगा सफर
हाईवे बनने के बाद बदायूं से लेकर आगरा, मथुरा, अलीगढ़, हाथरस, कासगंज, एटा और फिरोजाबाद तक की दूरी काफी कम हो जाएगी। बरेली से आगरा तक का सफर, जो अभी लगभग 5 घंटे में तय होता है, सिर्फ ढाई घंटे में पूरा हो सकेगा। यही नहीं, हाईवे की सीधी कनेक्टिविटी हरियाणा और राजस्थान तक होगी, जिससे कारोबारी गतिविधियां भी बढ़ेंगी।
किसानों और क्षेत्र की तरक्की
विशेषज्ञों का मानना है कि हाईवे प्रोजेक्ट से न सिर्फ परिवहन और व्यापार को नई गति मिलेगी, बल्कि जिन गांवों की जमीन अधिग्रहित होगी, वहां के किसानों की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी। मुआवजे की रकम और हाईवे के किनारे नई सुविधाओं से स्थानीय स्तर पर विकास की रफ्तार तेज होने की उम्मीद है। UP News