यूपी में बेटे की मंगेतर को दिल दे बैठा पिता, चोरी-छिपे निकाह कर लौटा तो मच गया बवाल
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भारत
चेतना मंच
19 Jun 2025 10:29 PM
UP News : उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले से एक ऐसी प्रेम कहानी सामने आई है, जिसने रिश्तों की पारंपरिक परिभाषा को झकझोर कर रख दिया है। उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले के थाना भोट क्षेत्र के एक गांव में 55 वर्षीय व्यक्ति ने अपने ही बेटे की मंगेतर से निकाह कर लिया। यह रिश्ता न केवल सामाजिक दृष्टि से असामान्य है, बल्कि पारिवारिक मयार्दाओं को भी तार-तार कर देने के लिए काफी है। यह मामला अब पूरे इलाके में हैरानी और चर्चा का विषय बन चुका है। खास बात यह है कि दोनों प्रेमी अब विवाह के बंधन में बंध चुके हैं और समाज की आलोचना को दरकिनार कर साथ जीवन बिता रहे हैं।
शुरुआत कैसे हुई?
करीब एक साल पहले रामपुर निवासी इस व्यक्ति ने अपने बेटे का रिश्ता अजीमनगर थाना क्षेत्र की एक युवती से तय करवाया था। शादी की तारीख भी तय हो चुकी थी। इसी दौरान युवक का पिता अक्सर ससुराल आने-जाने लगा। एक जिम्मेदार पिता की भूमिका में नहीं, बल्कि निजी आकर्षण के चलते। धीरे-धीरे पिता और बेटे की मंगेतर के बीच नजदीकियां बढ़ीं, और दोनों के बीच प्रेम संबंध बन गए। युवती के परिजनों को इसकी भनक तक नहीं लगी। UP News
"दवाई दिलाने ले जा रहा हूं", और फिर...
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, लगभग आठ दिन पहले वह अधेड़ व्यक्ति कार लेकर युवती के घर पहुंचा और कहा कि लड़की की तबीयत ठीक नहीं लग रही, डॉक्टर को दिखाने ले जा रहा हूं। इसके बाद दोनों लापता हो गए। जब शाम तक दोनों नहीं लौटे तो लड़की के परिवार ने संपर्क साधा, लेकिन उन्हें बहाने सुनने को मिले कि "अस्पताल में भर्ती है", "अभी लौटेंगे", आदि। UP News
निकाह कर लौटे तो घर में बवाल
आठ दिन बाद जब पिता निकाह कराकर लड़की को लेकर घर लौटा, तो बेटा और पत्नी आगबबूला हो गए। घर में हाथापाई हुई, बेटे और पिता के बीच लात-घूंसे चले, यहां तक कि पिता और बहू बने नवदंपति को गांव से निकालने की पंचायत तक बैठी। पंचायत के फैसले के बाद दोनों प्रेमी गांव छोड़कर थाना शहजादनगर क्षेत्र के एक गांव में रहने लगे हैं। UP News
सवाल और सामाजिक विमर्श
इस घटना ने समाज में कई प्रश्न खड़े कर दिए हैं। क्या प्रेम अब रिश्तों की सभी सीमाएं लांघता जा रहा है? क्या पारिवारिक जिम्मेदारियां और सामाजिक संरचना अब प्रेम के सामने कमजोर पड़ रही हैं? जब पिता और बेटा एक ही लड़की को जीवनसाथी बनाना चाहें, तो कानून और नैतिकता किसका साथ देगी? रामपुर का यह मामला एक तरफ जहां व्यक्तिगत स्वतंत्रता और प्रेम की सीमाओं को टटोलता है, वहीं दूसरी तरफ यह सामाजिक मूल्यों और पारिवारिक संतुलन पर गंभीर सवाल भी खड़ा करता है। फिलहाल प्रेमी जोड़े ने अपने लिए नया आशियाना ढूंढ लिया है, लेकिन गांव और परिवार में उनकी चर्चा अभी थमी नहीं है। UP News