यूपी में शराब में धुत डॉक्टर की लापरवाही से सड़क हादसे में घायल होमगार्ड की मौत
UP News
भारत
चेतना मंच
02 Dec 2025 04:23 AM
UP News : उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं एक बार फिर सवालों के घेरे में है। उत्तर प्रदेश के ललितपुर के बार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जो हुआ, वह सिर्फ एक डॉक्टर की लापरवाही नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की संवेदनहीनता का आईना है। घटना बीती रात की है, जब एक सड़क हादसे में घायल होमगार्ड को तत्काल इलाज के लिए अस्पताल लाया गया, लेकिन वहां न डॉक्टर का फर्ज जागा और न ही मानवीयता। ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर वंश गोपाल गुप्ता पर आरोप है कि वे शराब के नशे में चूर कमरे में बंद थे और गंभीर रूप से घायल मरीज को देखने तक नहीं निकले।
दरवाजा खटखटाते रहे लोग, डॉक्टर सोते रहे नशे में
प्रत्यक्षदर्शियों और घायल के साथी इंद्रपाल सिंह के अनुसार, घायल व्यक्ति के सिर से लगातार खून बह रहा था। आसपास के लोगों ने तत्परता दिखाते हुए उसे अस्पताल पहुंचाया, लेकिन वहां कोई इलाज नहीं हुआ। आधे घंटे तक डॉक्टर को फोन किया गया, दरवाजा खटखटाया गया, लेकिन जवाब मिला "मर रहा है तो मरने दो।" जब लोग किसी तरह दरवाजा खोलकर अंदर पहुंचे, तो डॉक्टर साहब चड्डी-बनियान में शराब के नशे में बेसुध पड़े थे। तब तक काफी देर हो चुकी थी। होमगार्ड ने अस्पताल परिसर में ही दम तोड़ दिया। UP News
प्रशासनिक प्रतिक्रिया : जांच के आदेश और खानापूर्ति
मीडिया में मामला सामने आने के बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) ने कहा कि पूरे घटनाक्रम की जांच के लिए कमेटी गठित की जा रही है और डॉक्टर के खिलाफ शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी। हालांकि, सवाल उठता है कि क्या केवल जांच समिति बना देने से इंसाफ हो जाएगा? क्या इस गैरजिम्मेदार रवैये का खामियाजा भुगतने वाले परिवार को न्याय मिल पाएगा? UP News
सवालों के घेरे में शराबी डाक्टर
एक सरकारी डॉक्टर ड्यूटी के दौरान शराब पीकर सो कैसे सकता है? क्या अस्पतालों की निगरानी सिर्फ फाइलों तक सीमित है? क्या ऐसे डॉक्टरों की लापरवाही का कोई कानूनी और नैतिक जवाबदेही है? यह घटना न सिर्फ मानवता को शर्मसार करती है, बल्कि सरकारी स्वास्थ्य तंत्र की विफलता और जवाबदेही की कमी का स्पष्ट उदाहरण भी है। किसी की जान चली गई, और जो जिम्मेदार था, वह चैन की नींद नशे में धुत सो रहा था। UP News