लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे : यूपी के दो औद्योगिक शहरों के बीच अब सफर सिर्फ 45 मिनट में
भारत
चेतना मंच
07 Jul 2025 06:51 PM
UP News : उत्तर प्रदेश के दो प्रमुख जिलों लखनऊ और कानपुर के बीच सफर अब घंटों का नहीं, मिनटों का रह जाएगा। बहुप्रतीक्षित लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे अपने अंतिम चरण में है और अगर सब कुछ योजना के मुताबिक चला, तो अगस्त के अंत तक यह जनता के लिए खोल दिया जाएगा। इस एक्सप्रेसवे के चालू होते ही दोनों शहरों के बीच यातायात की तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी।
63 किलोमीटर लंबी हाई-स्पीड कनेक्टिविटी
इस एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई 63 किलोमीटर है। इसमें लगभग 18 किलोमीटर का एलिवेटेड सेक्शन और बाकी 45 किलोमीटर का ग्रीनफील्ड कॉरिडोर है। शुरुआत लखनऊ के पिपरसंड से होती है और समापन कानपुर (उन्नाव) के आजाद चौक के पास होता है। रूट में आने वाले प्रमुख स्थानों में नवाबगंज, बंथरा, बनी, अमरसस और रावल शामिल हैं। UP News
सफर में लगेगा सिर्फ 45 मिनट का समय
फिलहाल लखनऊ से कानपुर जाने में औसतन 2.5 से 3 घंटे लगते हैं, खासकर भारी ट्रैफिक और जाम की वजह से। लेकिन इस 6-लेन के आधुनिक एक्सप्रेसवे के शुरू होते ही यात्रा का समय घटकर सिर्फ 40 से 45 मिनट रह जाएगा। भविष्य की जरूरतों को देखते हुए इसे 8-लेन तक विस्तारित करने की योजना भी बनाई गई है। UP News
हाईवे पर होगा आधुनिक सुरक्षा और सुविधा का इंतजाम
इस परियोजना को भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा विकसित किया जा रहा है और इसके निर्माण पर करीब 4700 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। यात्रियों की सुरक्षा और सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए एक्सप्रेसवे पर 3 बड़े पुल, 28 छोटे पुल, 6 फ्लाईओवर, 38 अंडरपास, और 4 इंटरचेंज बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा 5 टोल प्लाजा स्थापित किए गए हैं जो मीरनपुर पिनवट, खंडेदेव, बनी, अमरसास (उन्नाव-लालगंज), और आजाद नगर के पास होंगे। UP News
औद्योगिक और सामाजिक लाभ
लखनऊ और कानपुर उत्तर प्रदेश के दो औद्योगिक, शैक्षणिक और प्रशासनिक केंद्र हैं। इस एक्सप्रेसवे से कृषि, व्यापार और औद्योगिक सेक्टर को बढ़ावा मिलेगा। रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, और आपात सेवाओं की उपलब्धता भी तेज हो जाएगी। साथ ही यह परियोजना ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से भी जुड़ाव को सरल बनाएगी। लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे न केवल इन दो शहरों को जोड़ेगा, बल्कि पूरे पूर्वी और मध्य उत्तर प्रदेश के विकास में अहम भूमिका निभाएगा। यह परियोजना मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उस रणनीति का हिस्सा है, जिसमें बेहतर कनेक्टिविटी, तेज व्यापार और सुगम जीवनशैली को राज्य के विकास का आधार बनाया जा रहा है। UP News