UP News: अमरमणि त्रिपाठी की रिहाई पर रोने लगी मधुमिता की बहन, बोलीं- राज्यपाल के आदेश पर हुई हैरानी
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उत्तर प्रदेश
RP Raghuvanshi
01 Dec 2025 09:36 PM
सार
UP News: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 20 साल पहले हुए मधुमिता शुक्ला हत्याकांड फिर चर्चा में है। इस हत्याकांड में सजायाफ्ता पूर्व मंत्री और पूर्वांचल के बाहुबली अमरमणि त्रिपाठी और उनकी पत्नी मधुमणि की रिहाई का आदेश हुआ हैं। इसके खिलाफ में मधुमिता की बहन निधि शुक्ला सुप्रीम कोर्ट पहुंची है। सुनवाई के बाद कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस जारी करके जवाब मांगा है। मगर रिहाई पर फिलहाल रोक नहीं लगाई। इसके बाद निधि का एक रोता हुआ वीडियो सामने आया है।
विस्तार
मधुमिता की बहन का बयान आया सामने
मधुमिता की बहन निधि शुक्ला का बयान सामने आया है। इसमें वह कह रही हैं, राज्यपाल के आदेश पर मुझे बहुत हैरानी हुई। क्योंकि उत्तर प्रदेश सरकार और राज्यपाल को 15 दिन से बराबर हम सूचना दे रहे हैं कि सुप्रीम कोर्ट में हमारी याचिका स्वीकार हो चुकी है। 25 तारीख को 11 बजे सुनवाई है। मुझे लगता है कि राज्यपाल को भ्रमित कराकर रिहाई का आदेश करवाया गया है। मेरी प्रार्थना है कि हमारी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का आदेश जब तक नहीं आता, तब तक रिहाई पर रोक लगा देनी चाहिए।
नहीं मिली मधुमिता की बहन को राहत
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जस्टिस अनिरुद्ध बस की अध्यक्षता वाली बेंच से फिलहाल मधुमिता शुक्ला की बहन निधि शुक्ला को कोई राहत नहीं मिली है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार को नोटिस जारी कर 8 हफ्ते में जवाब दाखिल करने को कहा है। कोर्ट ने अमरमणि और उनकी पत्नी की रिहाई पर रोक लगाने से इनकार करते हुए मधुमिता की बहन निधि शुक्ला की वकील से कहा अगर आप से सहमत हो गए तो वापस जेल भेज देंगे।
सुप्रीम कोर्ट ने दिया था रिहाई का आदेश
बता दें कि अमरमणि और मधुमणि गोरखपुर की जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं। दोनों आज जेल से बाहर आएंगे। गुरुवार रात कारागार प्रशासन एवं सुधार विभाग ने रिहाई के आदेश जारी किए हैं। 18 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने रिहाई का आदेश पारित किया था। इसमें लिखा है कि उनकी उम्र 66 साल होने, करीब 20 साल तक जेल में रहने और अच्छे आचरण को देखते हुए किसी अन्य वाद में शामिल न हो तो रिहाई कर दी जाए।
गोली मारकर हुई थी हत्या
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लखीमपुर खीरी की कवयित्री जो वीर रस की कविताएं पढ़ती थी। मई 2003 में लखनऊ की पेपरमिल कॉलोनी में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वहीं पोस्टमॉर्टम में 7 महीने की प्रेग्नेंट होने का पता चला था। DNA जांच में पता चला कि पेट में पल रहा बच्चा अमरमणि त्रिपाठी का था। इससे अमरमणि और मधुमिता शुक्ला के संबंध खुलकर सामने आ गए थे। इस मामले में अमरमणि की पत्नी मधुमणि त्रिपाठी भी हत्या की साजिश में शामिल थीं। इस हाईप्रोफाइल हत्याकांड में पति और पत्नी उम्र कैद की सजा काट रही है। देहरादून की फास्ट ट्रैक कोर्ट के पास यह केस रहा और फास्ट ट्रैक कोर्ट ने उम्र कैद की सजा सुनाई थी।
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