
UP News : वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 को लेकर देश की राजनीति गरमा गई है। खासकर कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की चुप्पी पर बहुजन समाज पार्टी (BSP) सुप्रीमो मायावती ने तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि मुस्लिम समाज का आक्रोश स्वाभाविक है और विपक्ष को इस तरह संवेदनशील मुद्दों पर स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए।
लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पर चली लंबी बहस के दौरान राहुल गांधी की चुप्पी पर मायावती ने सोशल मीडिया (एक्स) पर नाराजगी जताई।
उन्होंने पूछा कि जब ये बिल संविधान की आत्मा और अल्पसंख्यकों के अधिकारों से जुड़ा है, तो राहुल गांधी का मौन क्यों?
मायावती ने तुलना करते हुए कहा कि जैसे नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के समय विपक्ष की ओर से कुछ खास नहीं हुआ, वैसी ही स्थिति अब दोहराई जा रही है।
उन्होंने इसे संविधान के उल्लंघन जैसा मामला बताया।
मायावती के अनुसार, राहुल गांधी की चुप्पी से मुस्लिम समाज में असंतोष और INDIA गठबंधन में असहजता स्वाभाविक है।
यह राजनीतिक दृष्टि से भी विपक्ष के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है।
मायावती ने बीजेपी के साथ-साथ कांग्रेस को भी बहुजनों और अल्पसंख्यकों के अधिकारों की अनदेखी के लिए जिम्मेदार ठहराया।
उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों दलों ने आरक्षण, शिक्षा और रोजगार में बहुजन समाज को वंचित रखने का काम किया है।
उन्होंने यूपी सरकार को भी नहीं छोड़ा और कहा कि राज्य में बहुजन समाज की स्थिति बद से बदतर होती जा रही है।
निजीकरण और कानून व्यवस्था की विफलता पर भी मायावती ने सवाल उठाए।
इससे पहले मायावती ने केंद्र सरकार से वक्फ कानून को फिलहाल निलंबित करने और प्रावधानों पर पुनर्विचार की अपील की थी।
खासतौर पर वक्फ बोर्ड में गैर-मुस्लिम सदस्यों को शामिल करने के प्रावधान को उन्होंने प्रथम दृष्टया "असंगत" बताया। UP News :