सिर्फ 6 घंटे में मेरठ से प्रयागराज! ट्रायल रन की तैयारी पूरी, सुपरफास्ट सफर का रास्ता साफ
भारत
चेतना मंच
05 Oct 2025 05:44 PM
उत्तर प्रदेश में हाई-स्पीड कनेक्टिविटी की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। उत्तर प्रदेश के मेरठ से प्रयागराज तक 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे का काम अंतिम चरण में पहुंच गया है। उत्तर प्रदेश में अब इस एक्सप्रेसवे को यमुना एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए 120 मीटर चौड़े लिंक एक्सप्रेसवे का एलाइनमेंट भी पूरा कर लिया गया है। उत्तर प्रदेश के इस लिंक एक्सप्रेसवे के बन जाने के बाद मेरठ, बुलंदशहर, खुर्जा और स्याना जैसे शहरों से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर तक का सफर बेहद आसान और तेज हो जाएगा। यूपीईईडा (उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण) ने सर्वे पूरा कर लिया है और अब भूमि अधिग्रहण एवं मुआवजा प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। UP News :
74.3 किलोमीटर लंबा लिंक एक्सप्रेसवे, लागत 4,000 करोड़
यह लिंक एक्सप्रेसवे बुलंदशहर के स्याना से शुरू होकर यमुना सिटी के फिल्म सिटी क्षेत्र तक पहुंचेगा। इसकी लंबाई लगभग 74.3 किमी होगी और लागत करीब 4,000 करोड़ आंकी गई है। यूपी सरकार ने इसके लिए प्रारंभिक तौर पर 1,000 करोड़ का बजट आवंटित किया है। यह एक्सप्रेसवे 56 गांवों की जमीन से होकर गुजरेगा। जिनमें गौतमबुद्धनगर के 8 और बुलंदशहर के 48 गांव शामिल हैं। किसानों से सीधी खरीद प्रक्रिया अपनाई जाएगी, और मुआवजा दर तय करने का काम अंतिम चरण में है।
गंगा एक्सप्रेसवे पर ट्रायल रन की तैयारी
सूत्रों के अनुसार, अगले महीने से गंगा एक्सप्रेसवे पर ट्रायल रन शुरू किया जा सकता है। मेरठ के बिजौली से लेकर प्रयागराज तक बनने वाले इस एक्सप्रेसवे पर सफर करने में सिर्फ 6 घंटे का समय लगेगा। मेरठ में 22 किमी और अमरोहा की हसनपुर तहसील क्षेत्र में 23.6 किमी का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। लगभग 12 अक्टूबर तक सभी सेक्शन में निर्माण की अंतिम तारीख तय है। सड़क पर लाइटिंग इंस्टॉलेशन का काम भी पूरा हो गया है।
12 जिलों से होकर गुजरेगा 594 किमी लंबा एक्सप्रेसवे
गंगा एक्सप्रेसवे मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज से होकर गुजरेगा। कुल 516 गांवों को इस एक्सप्रेसवे से जोड़ा जा रहा है। वर्तमान में इसे सिक्स लेन के रूप में बनाया जा रहा है, लेकिन भविष्य में इसे एट लेन तक विस्तारित किया जाएगा।
राज्य की कनेक्टिविटी में क्रांतिकारी बदलाव
गंगा और यमुना एक्सप्रेसवे को जोड़ने से यूपी की सड़क कनेक्टिविटी को नई रफ्तार मिलेगी। इससे पश्चिमी उत्तर प्रदेश से पूर्वी जिलों तक का सफर न केवल आसान होगा बल्कि लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक निवेश के लिए भी यह कॉरिडोर वरदान साबित होगा। माना जा रहा है कि परियोजना का उद्घाटन दिवाली से पहले या नवंबर 2025 के पहले सप्ताह में हो सकता है। सरकार ने निर्माण एजेंसियों को समय पर डिलीवरी के निर्देश दिए हैं। UP Newsबड़ा फेरबदल : योगी सरकार ने 82 डीएसपी स्तर के अफसरों का ट्रांसफर किया