उत्तर प्रदेश में सरकारी आवास का मेगा बदलाव, अब मिलेगा सपनों का आशियाना
UP News
भारत
चेतना मंच
30 Nov 2025 08:36 PM
UP News : उत्तर प्रदेश सरकार ने अपने करीब 8 लाख सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए आवास नीति में बड़ा बदलाव किया है। अब कर्मचारियों को पहले से कहीं बेहतर, बड़े और आधुनिक आवास मिलेंगे। यह नई नीति खासकर उन कर्मचारियों के लिए राहत लेकर आई है जिनके पास अपना घर नहीं है।
नई नीति में क्या है खास?
सबसे छोटे कर्मचारी को भी अब कम से कम 400 वर्ग फीट का फ्लैट मिलेगा। सीनियर अधिकारियों के लिए बंगले जैसी सुविधा दी जाएगी। आवास आधुनिक तकनीक से बनाए जाएंगे, जिनमें बेहतर डिजाइन और सुविधाएं शामिल होंगी। लेकिन ध्यान रहे जिसे सरकारी आवास मिलेगा उसे मकान किराया भत्ता (HRA) नहीं दिया जाएगा। लोक निर्माण विभाग (PWD) ने 31 मई 1979 से लागू पुराने नियमों को रद्द करते हुए नया शासनादेश जारी किया है। इस बदलाव में रहन-सहन के स्तर, कर्मचारियों की जरूरतों और आधुनिक जीवनशैली को ध्यान में रखा गया है।
टाइप-1 से टाइप-7 तक नए आवास
आवासों को अब टाइप-1 से लेकर टाइप-7 की श्रेणियों में बांटा गया है।
टाइप-1: 400 वर्ग फीट-सबसे कम वेतन वाले कर्मचारियों के लिए।
टाइप-7: बड़े बंगले-उच्च अधिकारियों के लिए।
कर्मचारी की पद, वेतनमान और वरिष्ठता के अनुसार आवास का आकार तय होगा।
2BHK फ्लैट तक की सुविधा
अब सामान्य कर्मचारी को भी 2BHK फ्लैट मिल सकेगा, जबकि वरिष्ठ अधिकारियों को बड़े बंगले मिलेंगे। न्यूनतम क्षेत्रफल 55 वर्ग मीटर से शुरू होकर वरिष्ठता के अनुसार बढ़ेगा। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता कार्यालय, लखनऊ ने बताया कि यह कदम कर्मचारियों के रहन-सहन में सुधार और जीवन की गुणवत्ता बढ़ाने के मकसद से लिया गया है। ई-ऑफिस प्रक्रिया के जरिए इस नीति को अंतिम रूप दिया गया है। जल्द ही आवास आवंटन की प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से शुरू की जाएगी।
कर्मचारी संगठनों ने किया स्वागत
कई कर्मचारी संगठनों ने इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे एक सकारात्मक कदम बताया है। सरकार का कहना है कि यह बदलाव कर्मचारियों के कल्याण और सुविधा को प्राथमिकता देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उत्तर प्रदेश सरकार का यह फैसला सरकारी कर्मचारियों के लिए निश्चित ही राहत भरा और प्रगतिशील कदम है। अब सरकारी नौकरी में सिर्फ नौकरी नहीं, रहने की अच्छी जगह भी एक भरोसेमंद सुविधा होगी।