प्रयागराज में चार मासूमों की रहस्यमयी मौत, गांव में पसरा मातम
UP News
भारत
चेतना मंच
02 Dec 2025 04:40 AM
UP News : उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले के बेदौली गांव में चार मासूम बच्चों की एक साथ मौत ने पूरे इलाके को गहरे सदमे में डाल दिया है। मंगलवार की शाम अचानक लापता हुए ये बच्चे बुधवार सुबह गांव के ही एक तालाब में मृत पाए गए। इस घटना से पूरे गांव की रूह कांप उठी। बच्चों के परिजन और गांववाले इसे महज हादसा नहीं बल्कि किसी गहरी साजिश मान रहे हैं।
मासूमों की मौत से गांव में पसरा मातम
मेजा थाना क्षेत्र के बेदौली गांव में मंगलवार शाम सब कुछ सामान्य था बच्चे खेल रहे थे लोग अपने-अपने कामों में लगे थे। लेकिन शाम होते-होते गांव के चार बच्चे जिनकी उम्र महज 8 से 11 साल के बीच थी अचानक लापता हो गए। रातभर परिवार और ग्रामीण उन्हें खोजते रहे, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। बुधवार सुबह सूरज की पहली किरण के साथ ही गांव में एक खबर गूंज उठी गांव के तालाब में चार बच्चों की लाशें तैरती मिली हैं। इस खबर ने पूरे माहौल को मातम में बदल दिया। चीख-पुकार मच गई, हर आंख नम थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शवों को तालाब से बाहर निकलवाया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
परिजन बोले-बच्चों को मारकर फेंका गया है
घटना के बाद पीड़ित परिवारों ने साफ तौर पर आरोप लगाए कि ये सिर्फ डूबने का मामला नहीं है, बल्कि चारों बच्चों की हत्या की गई है। उनका कहना है कि बच्चों के शरीर पर चोट के निशान हैं, जो इस ओर इशारा करते हैं कि पहले उन्हें मारा गया और फिर तालाब में फेंका गया। गांववालों का भी यही कहना है कि ये बच्चे तैरना नहीं जानते थे, फिर वे तालाब के पास क्यों गए? और अगर गलती से कोई एक बच्चा गिरता भी, तो बाकी तीनों की भी एक साथ मौत कैसे हो सकती है?
जांच में जुटी पुलिस
पुलिस फिलहाल इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि वे हत्या और हादसा दोनों एंगल से जांच कर रहे हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिससे मौत की असली वजह सामने आएगी। साथ ही गांव में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, मोबाइल कॉल रिकॉर्ड और बच्चों की लोकेशन से जुड़े तमाम तकनीकी पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
सन्नाटा छोड़ गई मासूमों की मौत
चार मासूमों की एक साथ गई जान ने न सिर्फ गांव को, बल्कि पूरे प्रयागराज जिले को हिला दिया है। स्कूलों में सन्नाटा है, गलियों में खामोशी है और हर आंख में सवाल है। जिन घरों में कभी हंसी-ठिठोली गूंजा करती थी, वहां अब मातम पसरा है। इस घटना ने कई गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं क्या गांवों में भी अब बच्चे सुरक्षित नहीं हैं? क्या हमारी संवेदनशीलता इतनी कमजोर हो गई है कि मासूमों पर भी रहम नहीं? और क्या ऐसी घटनाओं को सिर्फ रिपोर्ट करके भूल जाना ही हमारा काम रह गया है? पुलिस की जांच जारी है लेकिन गांव की आंखों में आज भी सवाल तैर रहे हैं। जवाब कब मिलेगा, किसी को नहीं पता...। UP News