
UP News : उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश के औद्योगिक विकास को तेजी से आगे बढ़ा रही है। उत्तर प्रदेश में औद्योगिक गति को और अधिक तेज करने की योजना बनाई गई है। उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण UPSIDA ने औद्योगिक विकास के लिए एक साल का बजट 6190 करोड़ रूपए रखा है। उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण यानि UPSIDA की 48वीं बोर्ड बैठक में 6190 करोड़ रूपए का बजट पास कर दिया गया है।
उत्तर प्रदेश के संपूर्ण औद्योगिक विकास की जिम्मेदारी UPSIDA के पास है। UPSIDA (यूपीसीडा) समय-समय पर बैठक करके औद्योगिक विकास के लिए नीति बनाता है। इसी कड़ी में UPSIDA की 48वीं बोर्ड बैठक उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में हुई। इस बैठक की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने की। मनोज कुमार सिंह UPSIDA के चेयरमैन भी हैं। इस बैठक में UPSIDA के CEO मयूर माहेश्वरी ने अनेक प्रस्ताव रखे। इन प्रस्तावों में सबसे महत्वपूर्ण प्रस्ताव यूपीसीडा का नए वित्त वर्ष 2025-2026 का बजट था। 6190 करोड़ रूपए के बजट को बोर्ड ने सर्वसम्मति से पास कर दिया। यह बजट उत्त्तर प्रदेश में UPSIDA का अब तक का सबसे बड़ा बजट है। इस बजट के द्वारा उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास को नर्ई गति प्रदान की जाएगी।
उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास को नई गति देने के मकसद से नई नीति बनार्ई गर्ई है। इस नई नीति को भी UPSIDA की 48वीं बोर्ड बैठक में पास कर दिया गया है। बोर्ड बैठक में प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों को ‘अति तीव्र’, ‘तीव्र’ और ‘मंद गति’ श्रेणियों में विभाजित करते हुए नई भुगतान नीति को मंजूरी दी गई। मंद गति वाले क्षेत्रों में अब 5% ईएमडी जमा कराकर आवंटन शुरू किया जाएगा। इसके बाद 60 दिनों के भीतर 20% राशि तथा शेष 75% धनराशि तीन वर्षों में 6 किस्तों में वसूल की जाएगी। वहीं अति तीव्र और तीव्र क्षेत्रों के लिए 10% ईएमडी, 60 दिन में 40% और शेष 50% राशि तीन वर्षों में किस्तों में ली जाएगी। राज्य सरकार द्वारा यूपीसीडा को उपलब्ध कराई गई 6 कताई मिलों के पुनः उपयोग के प्रस्ताव को स्वीकृति मिली। इसमें अमेठी की उतेलवा मिल, प्रतापगढ़ की एटीएल मिल, बांदा, मेजा और फतेहपुर की मलवा मिल शामिल हैं। इन मिलों के तलपट मानचित्रों को अनुमोदित कर शीघ्र विज्ञापन जारी करने और आवंटन प्रक्रिया प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए। UP News
UPSIDA की बैठक में एक्स-लीडा (पूर्व लखनऊ औद्योगिक विकास प्राधिकरण) की महायोजना 2041 को शासन को भेजने का निर्णय लिया गया। इसमें जन सुझावों और आपत्तियों का समावेश करते हुए विकास का एक दीर्घकालिक रोडमैप तैयार किया गया है, जो क्षेत्रीय विकास को नई पहचान देगा। UP News
आईएमसी प्रयागराज की योजना के तलपट मानचित्र को अनुमोदन मिला। इसके साथ ही नगर निगमों के साथ मिलकर औद्योगिक क्षेत्रों में म्यूनिस्पल सुविधाओं के विस्तार का भी निर्णय लिया गया। इससे साफ-सफाई, जल निकासी, सड़क मरम्मत जैसी सुविधाओं को उद्योगों तक ले जाने में मदद मिलेगी। मुख्य सचिव ने भूमि बैंक के विस्तार पर जोर देते हुए निर्देश दिया कि नए भूमि अधिग्रहण हेतु EOI (Expression of Interest) प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ की जाए। इससे नए निवेशकों को पर्याप्त और उपयुक्त भूमि उपलब्ध कराई जा सकेगी। अब भूखंडों के हस्तांतरण (Transfer Cases) में भी नई नीति लागू होगी। यानि ट्रांसफर मामलों में वही शर्तें लागू होंगी, जो नए आवंटन में होती हैं। इससे पारदर्शिता और जवाबदेही में इजाफा होगा। मुख्य कार्यपालक अधिकारी मयूर माहेश्वरी ने कहा, “यूपीसीडा राज्य में निवेश और उद्योग को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। यह बजट और नीतिगत बदलाव प्रदेश को निवेशकों के लिए और अधिक आकर्षक बनाएंगे। ललितपुर में बनने वाला फार्मा पार्क और एक्स-लीडा क्षेत्रीय विकास में मील का पत्थर होंगे।” UP News