उत्तर प्रदेश में शुरू हो गया ट्रैक्टर ट्रॉली का नया नियम
UP News
भारत
चेतना मंच
30 Nov 2025 05:33 AM
UP News : उत्तर प्रदेश सरकार ने ट्रैक्टर ट्रॉली द्वारा खींचकर चलाई जाने वाली ट्राली को लेकर नए नियम बनाए हैं। उत्तर प्रदेश सरकार ने ट्रैक्टर ट्रॉली को लेकर बनाए गए नए नियमों के तहत काम भी शुरू हो गया है। उत्तर प्रदेश परिवहन निगम का दावा है कि ट्रॉली को लेकर बनाए गए नए नियम पूरी तरह लागू होते ही प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं को संख्या कम हो जाएगी। प्रदेश सरकार के निर्देश पर परिवहन विभाग ने इस दिशा निर्देश पर काम शुरू कर दिया है।
क्या है उत्तर प्रदेश सरकार के नए नियम?
आपको बता दें कि हाल ही में उत्तर प्रदेश सरकार ने ट्रैक्टर ट्रॉली को लेकर नए नियम बनाए हैं। उत्तर प्रदेश के परिवहन विभाग ने किसानों के ट्रैक्टरों के पंजीकरण पहले से ही अनिवार्य कर रखे हैं। उत्तर प्रदेश सरकार ने ट्रैक्टर के साथ चलने वाली ट्राली का पंजीकरण करना भी अनिवार्य कर दिया हैं। ट्रॉली का पंजीकरण उसी समय करा दिया जाएगा जब कोई भी ट्रॉली उसकी निर्माता कंपनी से खरीदी जाएगी। ट्राली के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू करने से पहले ट्रॉली बनाने वाली कंपनियों का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य कर दिया गया है।
ट्रैक्टर ट्रॉली की रजिस्ट्रेशन के नियम लागू
उत्तर प्रदेश सरकार के प्रवक्ता में ट्रैक्टर ट्रॉली के रजिस्ट्रेशन के नियमों की जानकारी दी है। प्रवक्ता ने बताया है कि, उत्तर प्रदेश में इन सभी नियमों के ऊपर उत्तर प्रदेश के परिवहन विभाग ने काम करना भी शुरू कर दिया है उत्तर प्रदेश में ट्राली बनाने वाली कंपनियों के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। ट्रैक्टर के साथ उसकी ट्रॉलियों और ट्रेलरों का पंजीकरण कराना भी जरूरी होगा। हर ट्रॉली और ट्रेलर पर उसका चार अंकों का पंजीकरण नंबर लिखा होगा। इसके साथ ही उस पर 17 अंकों का चेसिस नंबर पर भी दर्ज किया जाएगा। जिससे उसके मालिक की पहचान आसानी से हो सकेगी। यूपी सरकार ने ये फैसला ट्रैक्टर ट्रॉली से होने वाली सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए उठाया गया है। शासन ने ट्रैक्टर, ट्रॉली और ट्रेलर के पंजीयन और निर्माण में सड़क सुरक्षा के मानकों को शामिल करते हुए नई मानक संचालन प्रक्रिया यानी एसओपी जारी कर दी है। सड़क सुरक्षा मानकों को पूरा किए बिना अब ट्रालियां सड़कों पर दौड़ नहीं सकेंगी। ट्रॉली के निर्माण के समय है निर्माता कंपनी को मानकों को पालन करना होगा। मानकों पर खरा उतरने के बाद ही उसका रजिस्ट्रेशन किया जाएगा।
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एसओपी के मुताबिक, ट्रेलर व ट्रॉली निर्माण में कई बातों का ध्यान रखना होगा। इनमें रिया व साइड अंडर प्रोटेक्शन डिवाइस, बैक लाइट फिटिंग और बैक लाइट के कनेक्शन की व्यवस्था ट्रैक्टर से की जाएगी। निर्माता कंपनी को एक कोड निर्धारित किया जाएगा, जिसके आधार पर उसके शहर, चेसिस नंबर और निर्माण साल का पता चल सकेगा। ऑटोमोटिव इंडस्ट्री स्टैंडर्ड 112 के मानकों के तहत चार मॉडल का जिक्र किया गया है। जिसमें R1, R2, R3 और R4 शामिल हैं। इनमें तीन मॉडल R2, R3 और R4 का रजिस्ट्रेशन कृषि के लिए किया जाएगा। अब किसी भी मॉडल की ट्रॉली में एक एक्सल नहीं बल्कि दो एक्सल होना जरूरी है। R2, R3 में टायरों की संख्या चार और R4 मॉडल में आठ टायर लगाए जाएंगे। R2 ट्रॉली की अधिकतम चौड़ाई दो मीटर होगी और R3 व R4 मॉडल की अधिकतम चौड़ाई 2.5 मीटर होगी। इन सभी नियमों के ऊपर उत्तर प्रदेश के परिवहन विभाग ने काम करना भी शुरू कर दिया है। उत्तर प्रदेश में ट्रॉली बनाने वाली कंपनियों के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। UP Hindi News ग्रेटरनोएडा– नोएडाकीखबरोंसेअपडेटरहनेकेलिएचेतनामंचसेजुड़ेरहें।देश–दुनियाकीलेटेस्टखबरोंसेअपडेटरहनेकेलिएहमेंफेसबुकपरलाइककरेंयाट्विटरपरफॉलोकरें।