अयोध्या-वाराणसी नहीं, यूपी का यह जिला है असली सतों का शहर
उत्तर प्रदेश
RP Raghuvanshi
02 Sep 2025 05:55 PM
उत्तर प्रदेश अपने धार्मिक और सांस्कृतिक वैभव के लिए जाना जाता है। उत्तर प्रदेश के अयोध्या, मथुरा, वाराणसी और प्रयागराज जैसे शहरों की धार्मिक पहचान विश्वप्रसिद्ध है। ऐसे में अगर आपसे पूछा जाए कि उत्तर प्रदेश का कौन-सा जिला संतों का शहर कहलाता है, तो पहला अंदाज इन्हीं जगहों पर जाएगा। लेकिन हैरानी की बात यह है कि सही जवाब इनमें से कोई नहीं, बल्कि इसका जवाब बस्ती जिला है। UP News :
क्यों मिली संतों का शहर की उपाधि
इतिहासकार बताते हैं कि बस्ती प्राचीन काल से ही साधु-संतों और तपस्वियों की साधना स्थली रहा है। यहां का शांत और प्राकृतिक वातावरण ऋषियों और संतों को इतना भाया कि उन्होंने इसे अपनी तपोभूमि बना लिया। यही कारण है कि बस्ती को संतों का शहर की उपाधि मिली।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
बस्ती कभी कौशल देश का हिस्सा रहा। वैदिक काल में इसे आध्यात्मिक और विद्या की भूमि माना जाता था। संस्कृत के महाग्रंथों में वर्णित वैयाकरण पाणिनी का भी संबंध इस क्षेत्र से बताया जाता है। वर्तमान में बस्ती लगभग 2688 वर्ग किलोमीटर में फैला है और यहां की आबादी करीब 24.6 लाख है। जिले में चार तहसीलें हैं और इसका लिंगानुपात 967 है। इस तरह बस्ती की पहचान महज एक प्रशासनिक जिला नहीं, बल्कि आध्यात्मिकता और संत परंपरा का केंद्र के रूप में है। UP News :केसीआर ने बेटी कविता को पार्टी से किया निलंबित, अनुशासनहीनता पर बड़ी कार्रवाई