अब स्कूलों में लगेगी डिजिटल हाजिरी, 1 जुलाई से बदलेगा UP बोर्ड का नियम
भारत
चेतना मंच
02 Dec 2025 02:53 AM
UP News : उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UP Board) अब प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में डिजिटल अनुशासन लाने जा रही है। बोर्ड ने 1 जुलाई से अपने मान्यता प्राप्त विद्यालयों में ऑनलाइन हाजिरी प्रणाली लागू करने का निर्णय लिया है। यह व्यवस्था कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों, शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के लिए अनिवार्य होगी। इसका उद्देश्य शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाना, फर्जी नामांकन पर रोक लगाना और स्कूलों में अनुशासन को मजबूती देना है।
अब हाजिरी होगी मोबाइल या टैब से
नई व्यवस्था के तहत स्कूलों को मोबाइल ऐप या वेब पोर्टल के माध्यम से प्रत्येक दिन उपस्थिति ऑनलाइन दर्ज करनी होगी। पहले जहां हाजिरी सिर्फ कागजों तक सीमित रहती थी अब यह डिजिटल माध्यम से सीधे बोर्ड के सर्वर पर दर्ज होगी। इससे शिक्षा विभाग को रियल टाइम डेटा मिल सकेगा और किसी भी स्तर की अनियमितता की तत्काल पहचान हो सकेगी।
क्यों जरूरी है यह बदलाव?
अभी तक कई स्कूलों में फर्जी प्रवेश और तथाकथित 'घोस्ट स्टूडेंट्स' की शिकायतें मिलती रही हैं जहां नामांकन तो दिखाया जाता है, पर छात्र स्कूल में उपस्थित नहीं होते। अब इस ऑनलाइन उपस्थिति प्रणाली से ऐसे मामलों पर लगाम लगेगी। सरकार को सही नामांकन और उपस्थिति के आंकड़े मिलेंगे जिससे स्कॉलरशिप और अन्य योजनाओं का लाभ सही छात्रों तक पहुंचेगा। निजी विद्यालयों में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी और शिक्षा की गुणवत्ता पर भी सकारात्मक असर होगा।
23 जून को प्रयागराज में होगा सिस्टम का प्रेजेंटेशन
इस डिजिटल उपस्थिति प्रणाली की प्रस्तुति (प्रेजेंटेशन) 23 जून को यूपी बोर्ड मुख्यालय, प्रयागराज में होगी। यहां अधिकारियों और प्रधानाचार्यों को बताया जाएगा कि हाजिरी कैसे दर्ज की जाएगी, क्या तकनीकी सुविधाएं चाहिए होंगी और क्या चुनौतियां सामने आ सकती हैं।
प्रधानाचार्य परिषद ने की सराहना
उत्तर प्रदेश प्रधानाचार्य परिषद के प्रदेश अध्यक्ष सुशील कुमार सिंह ने इस कदम की तारीफ करते हुए कहा, "ऑनलाइन हाजिरी की अनिवार्यता से न सिर्फ फर्जी नामांकन रुकेगा, बल्कि पढ़ाई का माहौल भी बेहतर होगा। यह बदलाव अनुशासन और ज़िम्मेदारी की भावना को बढ़ावा देगा।" बोर्ड सचिव भगवती सिंह के अनुसार, प्रजेंटेशन के बाद सभी स्कूलों को विस्तृत गाइडलाइन भेजी जाएगी ताकि कोई भ्रम या तकनीकी परेशानी न हो। पायलट टेस्टिंग के बाद इसे प्रदेशभर में पूर्ण रूप से लागू किया जाएगा। UP News