"अब मैं सोनिया हूं," सोनू ने तोड़ीं पहचान की दीवारें, प्रेम कुमार से रचाई शादी, इस अनोखे विवाह की हो रही चर्चा
भारत
चेतना मंच
24 Jun 2025 07:29 PM
UP News : उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र के खैरटिया शीतलापुर गांव में एक असाधारण प्रेम कहानी ने सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। यहां दो युवा लड़कों ने समाज की रूढ़ियों, लिंग पहचान और सामाजिक सीमाओं को दरकिनार कर एक-दूसरे के साथ सात फेरे लिए। यह शादी न केवल गांव में, बल्कि जिले भर में चर्चा का विषय बन चुकी है।
"प्रेम ही मेरी पहचान है"
सोनू, जो अब खुद को सोनिया कहती हैं, ने सभी के सामने खुलकर कहा, मैंने अपने दिल की सुनी है, समाज क्या कहेगा इससे फर्क नहीं पड़ता। मुझे प्रेम कुमार से सच्चा प्यार है और मैं उनके साथ ही जीवन बिताना चाहती हूं। सोनिया की यह बात सुनकर वहां मौजूद कई लोग भावुक हो गए, वहीं कुछ हैरान भी। UP News
शिव मंदिर बना गवाह
गांव के प्राचीन शिव मंदिर में पूरे रीति-रिवाज से विवाह सम्पन्न हुआ। पंडित ने मंत्रोच्चार किया, फूलों की सजावट की गई, और स्थानीय लोग बाराती बनकर इस ऐतिहासिक विवाह के साक्षी बने। प्रेम कुमार ने भी पूरी निष्ठा से फेरे लिए और कहा, हमारे बीच जो रिश्ता है, वह किसी परिभाषा का मोहताज नहीं है। यह सच्चे प्रेम पर आधारित है। UP News
गांव में मिला समर्थन, तो कहीं उठे सवाल
इस विवाह को लेकर गांव में मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कुछ लोगों ने जहां इसे साहसी कदम बताया, वहीं कुछ ने इसे परंपराओं से अलग और समाज के विरुद्ध भी माना। हालांकि, पंचायत या प्रशासन की ओर से अब तक कोई आपत्ति नहीं जताई गई है।
यह विवाह एलजीबीटीक्यू+ समुदाय के लिए भी एक उम्मीद की किरण बनकर सामने आया है, जहां पहचान और प्रेम के अधिकार को खुले तौर पर स्वीकारा गया। सोनिया और प्रेम कुमार की जोड़ी अब उन तमाम लोगों को प्रेरणा दे रही है जो अपने दिल की सुनना तो चाहते हैं, लेकिन समाज के डर से पीछे हट जाते हैं। UP News
प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार
फिलहाल इस विवाह को लेकर प्रशासन की कोई आधिकारिक टिप्पणी सामने नहीं आई है। यदि कानूनी पक्षों की बात करें, तो ट्रांसजेंडर व्यक्ति को अपनी पहचान के अनुरूप विवाह करने का संवैधानिक अधिकार प्राप्त है, लेकिन जमीनी स्तर पर यह आज भी संघर्ष का विषय है। हालांकि समाज इसे आज भी पूरी तरह उचित नहीं मानता है। इसे धर्म और समाज के परंपरागत नियमों के खिलाफ माना जाता है। UP News