यूपी में जारी है आपरेशन लंगड़ा अभियान, पकड़े गए सभी बदमाशों के पैरों में लगी गोली
UP News
उत्तर प्रदेश
RP Raghuvanshi
12 May 2025 10:21 PM
UP News : उत्तर प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ पुलिस का अभियान 'आपरेशन लंगड़ा' तेजी से जारी है। हाल ही में गाजीपुर, गाजियाबाद, आगरा, सहारनपुर, मीरजापुर और उन्नाव जिलों में पुलिस मुठभेड़ों के दौरान 11 से अधिक अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें से अधिकांश के पैरों में गोली लगने से वे घायल हुए हैं।
'आपरेशन लंगड़ा' क्या है?
'आपरेशन लंगड़ा' उत्तर प्रदेश पुलिस की एक रणनीति है, जिसमें मुठभेड़ों के दौरान अपराधियों को पैरों में गोली मारकर उन्हें गिरफ्तार किया जाता है। इस अभियान का उद्देश्य अपराधियों को मारने के बजाय उन्हें घायल कर पकड़ना है, जिससे कानून व्यवस्था बनी रहे और न्यायिक प्रक्रिया का पालन हो सके।
हालिया मुठभेड़ों का विवरण
गाजीपुर : नंदगंज थाना क्षेत्र में पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें दो बदमाशों को पैर में गोली लगी और उन्हें गिरफ्तार किया गया।
गाजियाबाद : साहिबाबाद इलाके में पुलिस ने दो बदमाशों को मुठभेड़ के बाद घायल कर गिरफ्तार किया। इनके पास से अवैध हथियार और लूटा हुआ सामान बरामद हुआ।
आगरा : हरि पर्वत थाना क्षेत्र में पुलिस ने ठक-ठक गैंग के दो बदमाशों को मुठभेड़ में घायल कर पकड़ा।
सहारनपुर : बेहट थाना क्षेत्र में एक गौकश बदमाश को मुठभेड़ में घायल कर गिरफ्तार किया गया।
मीरजापुर : चील्ह थाना क्षेत्र में दो लुटेरों को मुठभेड़ में घायल कर गिरफ्तार किया गया।
उन्नाव : हसनगंज कोतवाली क्षेत्र में दंपती से लूट करने वाले चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें से दो मुठभेड़ में घायल हुए।
आंकड़े और प्रभाव :
मार्च 2017 से अप्रैल 2023 तक, उत्तर प्रदेश पुलिस ने 8,472 मुठभेड़ों में 5,046 अपराधियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें से अधिकांश के पैरों में गोली लगी है।
हालांकि 'आॅपरेशन लंगड़ा' को अपराध नियंत्रण के लिए प्रभावी माना जा रहा है, लेकिन मानवाधिकार संगठनों और न्यायिक संस्थाओं ने इस पर चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि इस तरह की मुठभेड़ों में न्यायिक प्रक्रिया का पालन नहीं होता और यह मानवाधिकारों का उल्लंघन हो सकता है। 'आॅपरेशन लंगड़ा' उत्तर प्रदेश पुलिस की एक रणनीति है, जिसका उद्देश्य अपराधियों को घायल कर गिरफ्तार करना है। हालांकि यह अपराध नियंत्रण में सहायक हो सकता है, लेकिन इसके प्रभाव और विधिक पहलुओं पर निरंतर निगरानी और समीक्षा आवश्यक है। UP News